-भाषा कौशल विकास प्रशिक्षण अध्यापकों की भाषाई दक्षता एवं संप्रेषण कौशल को विकसित करेगा: सुनीता साईं
-टीजीटी एवं पीजीटी संस्कृत अध्यापकों हेतु तीन दिवसीय भाषा कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापन
सिरसा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) डिंग, सिरसा में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी एवं डाइट प्राचार्या विजय लक्ष्मी के आदेशानुसार एवं कार्यक्रम समन्वयक डा. सोम प्रकाश ठकराल की देखरेख में तीन समूहों में चल रहे टीजीटी एवं पीजीटी संस्कृत अध्यापकों हेतु तीन दिवसीय भाषा कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सिरसाए डाइट प्राचार्या विजय लक्ष्मी एवं जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता साईं ने प्रशिक्षण सत्रों में पहुंचकर प्रतिभागी शिक्षकों का फीडबैक लेते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। डाइट प्रांगण में पहुंचने पर डाइट प्रभारी सुरेंद्र सिंह नूनिया एवं आईएफआईसी विंग प्रभारी चंद्र प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में समस्त डाइट स्टाफ सदस्यों द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को पुष्पगुच्छ भेंट करके गर्मजोशी से स्वागत किया गया। प्राचार्या ने डाइट के स्टाफ सदस्यों की मीटिंग लेते हुए डाइट क्रियाकलापों की समीक्षा करते हुए सभी स्टाफ सदस्यों को निष्ठापूर्वक कार्य करने हेतु प्रेरित किया। प्रशिक्षु अध्यापकों को संबोधित करते हुए जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, सिरसा एवं डाइट प्राचार्या विजय लक्ष्मी ने कहा कि अध्यापक यदि संचार कौशल को कक्षा में अपनाएं तो विद्यार्थियों का आत्मविश्वास एवं भाषा ज्ञान दोनों बढ़ते हैं। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों को विद्यालय स्तर पर व्यवहार में अवश्य लाएं। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी, सिरसा सुनीता साईं ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होंगे। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों की रुचि जागृत करने के लिए संवादात्मक शिक्षण पद्धतियां अपनाएं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में एससीईआरटी हरियाणा से प्रशिक्षित प्रशिक्षकों ने संस्कृत भाषा शिक्षण से संबंधित विभिन्न विषयों पर अपने विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किए। इस अवसर पर डाइट प्रभारी सुरेंद्र नूनिया, प्रवक्ता डा. सतबीर न्योल, डा. सोम प्रकाश, चंद्र प्रकाश, दलीप गोदारा, डा. अनिल बिश्नोई, सूरज दुग्गल, राकेश मोहन, डा. राजेश खुराना, सतपाल सिंह, संदीप कुमार, पवन कनोजिया सहित लिपिक देवी लाल, सुमित, सुनील कुमार, सुभाष चंद्र एवं बलविंदर सहित समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
कोट्स:
-यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम अध्यापकों को विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु संस्कृत भाषा के प्रति उनमें रुचि एवं आत्मविश्वास उत्पन्न करने में सहायक सिद्ध होगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के भाषा कौशल विकसित करने के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास की दिशा में भी कारगर सिद्ध होगा।
अध्यापक संचार कौशल को कक्षा में अपनाकर विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करें: विजय लक्ष्मी
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