सिरसा। अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के अवसर पर भगत सिंह फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष रेनू कादियान ने युवाओं एवं समाज के सभी वर्गों से नशे के खिलाफ एकजुट होकर जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। रेनू कादियान ने अपने संदेश में कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र के भविष्य को प्रभावित करने वाली गंभीर सामाजिक चुनौती है। विशेष रूप से युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति चिंता का विषय है। यदि समय रहते समाज, परिवार, शैक्षणिक संस्थान और प्रशासन मिलकर प्रभावी कदम उठाएं, तो इस समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। यदि यही शक्ति शिक्षा, खेल, कौशल विकास, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में लगेगी, तो भारत विश्व में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। लेकिन यदि युवा नशे की गिरफ्त में आते हैं, तो इससे उनका भविष्य ही नहीं, बल्कि देश की प्रगति भी प्रभावित होती है। रेनू कादियान ने अभिभावकों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे युवाओं के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें, उन्हें सकारात्मक वातावरण दें तथा नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि केवल कानून के सहारे इस समस्या का समाधान संभव नहीं है, बल्कि जनजागरूकता और सामाजिक भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि भगत सिंह फाउंडेशन समाज में जागरूकता फैलाने, युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और नशामुक्त भारत के निर्माण के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा। सभी नागरिकों का सहयोग ही इस अभियान को सफल बना सकता है। रेनू कादियान ने कहा कि आज आवश्यकता केवल नशा छोड़ने की अपील करने की नहीं, बल्कि युवाओं को ऐसे अवसर उपलब्ध कराने की है जहाँ वे अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेल, रोजगार, नवाचार और समाज सेवा में लगा सकें। जागरूकता, सही मार्गदर्शन और सामूहिक प्रयास ही नशामुक्त भारत का आधार बन सकते हैं। अंत में उन्होंने सभी देशवासियों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे, दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे तथा एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।
नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान दें युवा: रेनू कादियान
Facebook
Twitter
WhatsApp



