6 साल बेमिसाल: नशा पीड़ितों की ‘उम्मीद’ बने एंटी ड्रग्स मैन
-स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालय सार्वजनिक स्थलों पर संकल्प पत्र बांटकर युवाओं को कर रहे जागरूक
-नशा पीड़ितों का उपचार करवाकर दे रहे नया जीवनदान
-पुलिस व प्रशासन के सान्निध्य में चल रहा है अभियान
सिरसा। 26 जून, 2026 को अंतर्राष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस मनाया जाएगा। देश का भविष्य कही जाने वाली युवा पीढ़ी वर्तमान में अपले लक्ष्य से भटककर नशे की गर्त में जा रही है। आज से ठीक 6 साल पहले युवाओं को नशे की गर्त से निकालने के लिए शहर निवासी बेटा बचाओ अभियान के राष्टÑीय संयोजक व एंटी ड्रग्स मैन तरूण भाटी ने अपने साथियों के साथ नवंबर-2020 में बेटा बचाओ के नाम से एक अभियान शुरू किया था, जोकि युवाओं के लिए एक ‘उम्मीद’ बनकर उभरा है। अपने इसी उद्देश्य को सर्वोपरि मानते हुए संस्था द्वारा अब तक 26 युवाओं को नशे की गर्त से निकालकर जीवनदान दिया जा चुका है। नशे के प्रति किए जा रहे बेहतरीन कार्य के लिए एंटी ड्रग्स मैन को प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर प्रशासनिक तंत्र, अनेक संस्थाओं व राजनेताओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। बतौर तरूण भाटी जब तक उनके शरीर में श्वास हैं, तब तक वे इस सेवा कार्य में तन-मन-धन से जुटे रहेंगे और युवाओं का भविष्य संवारते रहेंगे।
टीम में युवाओं व अनुभवी लोगों का है संगम:
तरूण भाटी ने कहा कि इस अभियान में उनकी टीम में युवाओं व अनुभवी लोगों का भरपूर संगम है। टीम में प्रो. दयानंद शर्मा, रविंद्र सैनी, प्रो. शिवचरण शर्मा, समाजसेवी रणजीत सिंह टक्कर, डा. सुमित सैनी, नरेंद्र रावत, एडवोकेट अशोक बड़गुज्जर, संदीप कुमार, राहुल, राजेंद्र कुमार, धर्मपाल तिवाड़ी, देव शर्मा सहित सैकड़ों युवा शामिल हंै, जो न केवल युवाओं को नशे के प्रति जागरूक कर रहे हैं, बल्कि नशा पीड़ितों की पहचान कर उनका बखूबी उपचार कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में लेकर आ रहे हैं।
गांव-गांव व शहर में किया जा रहा जागरूक:
तरूण भाटी ने बताया कि शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र भी नशे के प्रकोप से बचे नहीं हैं। ग्रामीण युवाओं को नशे से बचाने के लिए अधिक से अधिक खेल प्रतियोगिताएं व जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि शहर में टीम द्वारा स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालय व सार्वजनिक स्थलों पर अभियान चलाकर युवाओं व आम जनता को संकल्प पत्र देकर नशे के प्रति जागरूक किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। नशा छोड़ने वाले युवाओं ने ही नहीं, उनके अभिभावकों ने भी टीम के प्रयासों की सराहना की और इस अभियान को निरंतर चलाने का आह्वान किया, ताकि युवा पीढ़ी को नशे की दलदल से बचाया जा सके। संस्था द्वारा नशे के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र में भी जैसे रक्तदान शिविर लगाना, पौधारोपण, सफाई अभियान चलाना, बच्चों को स्कूलों में स्टेशनरी वितरित करना जैसे कार्यों में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है।
आमजन व युवाओं के लिए संदेश:
तरूण भाटी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस पर अपने संदेश में कहा कि यह दिवस केवल एक तारीख नहीं, बल्कि एक वैश्विक आंदोलन है। यह हमें याद दिलाता है कि नशे की समस्या से मिलकर, जागरूकता, सहयोग और सही कदमों से लड़ा जा सकता है। सही जानकारी, समय पर मदद और समाज का सहयोग—यही नशामुक्त भविष्य की कुंजी है। उन्होंने युवाओं व आमजन से आह्वान किया कि वे इस सामाजिक बुराई को दूर करने में खुलकर आगे आएं। जन सहयोग के बिना इस बिमारी से निजात नहीं पाई जा सकती। जो लोग नशे का व्यापार करते हैं, उनके बारे में तुरंत सूचना पुलिस प्रशासन को दें, ताकि नशा तस्करों की धरपकड़ कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
अंतर्राष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस पर विशेष:
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