हिसार- अग्रोहा धाम में भजन-कीर्तन व वैश्य समाज की मीटिंग अग्रोहा धाम वैश्य समाज के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग की अध्यक्षता में हुई। जिसमें पूर्णिमा के पावन पर्व की तैयारी की समीक्षा की गई। अग्रोहा धाम वैश्य समाज के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि अग्रोहा धाम में 29 जून को पूर्णिमा पर छप्पन भोग, सवामणि, भजन समारोह व भंडारे का कार्यक्रम होगा। अग्रोहा धाम में हर महीने पूर्णिमा पर भव्य कार्यक्रम होता है। पूर्णिमा का दिन हिंदू धर्म में बहुत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। वह हर चन्द्र महीने का यह दिन होता है जब आसमान में पूरा गोल चन्द्रमा निकलता है। पूर्णिमा देवी-देवताओं की पूजा, व्रत, दान और आध्यात्मिक शांति के लिए मनाते हैं। बजरंग गर्ग ने कहा कि चंद्रमा के साथ-साथ इस तिथि का संबंध भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी जी से भी विशेष रूप से होता है। पूर्णिमा के दिन चंद्रमा, विष्णु व माता लक्ष्मी जी की अराधना करने से सुख, समृद्धि और शांति मिलती है। पूर्णिमा ईश्वर से जुड़ाव, शुद्धि और भक्ति का दिन है। यह आशीर्वाद प्राप्त करने, पुण्य कार्य करने और आध्यात्मिक चेतना को उन्नत करने का समय होता है। उपवास, दान या ज्ञान के माध्यम से पूर्णिमा को निष्ठापूर्वक मानने से शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक विकास प्राप्त होता है। बजरंग गर्ग ने कहा कि देवी-देवताओं की पूजा करने से मन को शांति मिलने के साथ-साथ घर में सुख शांति बनी रहती है। अग्रोहा धाम में सभी देवी-देवताओं के विशाल मंदिर बने हुए हैं जिसके साथ जनता की आस्था जुडी हुई है। इस अवसर पर आनन्द अग्रवाल, अनंत अग्रवाल, पवन गर्ग, ऋषि राज बुडाकिया, राजेंद्र बंसल, निरंजन गोयल, ब्रह्मानंद गोयल, महेंद्र गोयल, गोपाल बंसल, सुभाष गोयल, नेहा मित्तल आदि प्रतिनिधियों ने भारी संख्या में भाग लिया।
देवी-देवताओं की पूजा करने से मन को शांति मिलने के साथ-साथ घर में सुख शांति बनी रहती है- बजरंग गर्ग
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