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सिरसा। एसपी दीपक सहारन ने कहा कि अब साइबर ठगों के दिन लदने वाले हैं। हरियाणा पुलिस ने साइबर वित्तीय धोखाधड़ी पर लगाम कसने के लिए एक नई और नागरिक हितैषी व्यवस्था शुरू की है। अब यदि किसी व्यक्ति के साथ एक लाख रुपये या उससे अधिक की साइबर ठगी होती है और वह हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करवाता है, तो उसकी शिकायत स्वतः ई-जीरो एफआईआर में बदल जाएगी। इससे पीड़ित को थाने के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पुलिस तुरंत कार्रवाई शुरू कर सकेगी। पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत शिकायत दर्ज होते ही मामला संबंधित साइबर क्राइम थाना या यूनिट को भेज दिया जाएगा। इसके बाद जांच अधिकारी पीड़ित से संपर्क कर जरूरी जानकारी और औपचारिकताएं पूरी करवाएगा तथा ई-जीरो एफआईआर को नियमित एफआईआर में बदलकर तुरंत जांच शुरू कर देगा।
रिकवरी और जांच दोनों होंगी तेज
एसपी ने कहा कि साइबर अपराधों में समय सबसे अहम होता है। जितनी जल्दी कार्रवाई होगी, उतनी ही अधिक संभावना पीड़ित की रकम वापस मिलने की होगी। नई व्यवस्था से डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने, म्यूल बैंक खातों की पहचान करने और साइबर अपराधियों तक तेजी से पहुंचने में मदद मिलेगी। साथ ही हेल्पलाइन 1930 और साइबर पुलिस स्टेशनों के बीच बेहतर तालमेल बनने से प्रक्रियागत देरी भी काफी हद तक खत्म होगी।
समय पर शिकायत करें, तभी मिलेगी राहत
पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की कि यदि किसी भी प्रकार की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हों तो बिना समय गंवाए तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर दी गई सूचना ही ठगी गई रकम बचाने और अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
हरियाणा पुलिस की यह नई पहल साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है, जिससे आम नागरिकों का विश्वास और सुरक्षा दोनों मजबूत होंगे।
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