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20 दिवसीय रंगमंच कार्यशाला संपन्न

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कला इंसान को अनुशासित, संवेदनशील, कोमल और धैर्यशील बनाती है: प्रो. डा. जयप्रकाश
सिरसा। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत, उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला के तत्वावधान में केएल थियेटर प्रोडक्शंस और जेसीडी विद्यापीठ के संयुक्त संयोजन में 20 दिवसीय रंगमंच कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस अवसर पर जननायक चौधरी देवीलाल विद्यापीठ, सिरसा के महानिदेशक प्रो. डा. जय प्रकाश ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की और जीवन में कला के महत्व को बताते हुए कहा कि कला इंसान को अनुशासित, संवेदनशील, कोमल और धैर्यशील बनाती है। रंगमंच कला एक व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारने में विशेष यौगदान देता है। इसलिए हर विद्यार्थी का किसी ना किसी कला के साथ जुड़ा होना बहुत जरूरी है और आशा है आप सभी विद्यार्थी इन बीस दिनों में कार्यशाला के प्रशिक्षक कर्ण लढा और उनके सहायक आकाशदीप से रंगमच के बहुत से मूल बिंदुओं को सीख कर कलात्मक एवं अपने अन्य कार्य क्षेत्र में और अधिक ऊर्जा से उन्नति करेंगे। इसी बीच कार्यशाला के प्रशिक्षक कर्ण लढा के निर्देशन में कार्यशाला के दौरान तैयार किये गए नारी शोषण पर आधारित नुक्कड़ नाटक आवाज का मंचन किया गया, जिसमें महिलाओं और लड़कियों को स्वंय के साथ हो रहे शोषण के विरुद्ध आवाज उठाकर, नारी सशक्तिकरण का संदेश दिया। उसके बाद केएल थियेटर प्रोड्क्शन्स के निदेशक एवं कार्यशाला प्रशिक्षक कर्ण लढा ने उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला के निदेशक फुरकान खान और जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक प्रो. डा. जय प्रकाश का इस कार्यशाला के आयोजन में अपना अतुलनीय सहयोग देने पर आभार प्रकट करते हुए कहा कि इस 20 दिनों की कार्यशाला के माध्यम से जिला सिरसा के भावी कलाकारों में नाट्य विद्या का एक बीज रोपण किया है, जो भविष्य में एक कलारूपी विशाल पेड़ बनकर कला जगत में अपनी छाया और फल दोनों जरूर देगा और कहा कि सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों ने इन बीस दिनों में रंगमच जैसे संजीदा विषय को बहुत अच्छे से जाना, बल्कि रंगमंच से उपजे नैतिक मूल्यों पर भी चलने का आह्वान किया। मैं सभी विद्यार्थियों के लिए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं। अंत में जेसीडी विद्यापीठ, सिरसा के महानिदेशक प्रो. डा. जय प्रकाश, केएल थियेटर प्रोड्क्शन्स के निदेशक एवं कार्यशाला प्रशिक्षक कर्ण लढा द्वारा सभी प्रतिभागी कलाकारों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।

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