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अधिकारियों ने खतरा बताकर नैशनल स्कूली गेम्स की फाइल पर नहीं दिखाई गंभीरता

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नैशनल गेम्स के लिए नहीं जा सकी अंडर-14 ताइक्वांडो टीम, खिलाडिय़ों व अभिभावकों में निराशा
सिरसा। अधिकारियों की लापरवाही के कारण नागालेंड में 28 से 30 अक्तूबर तक होने वाली नैशनल स्कूल गेम्स में प्रतिभागिता से अंडर-14 ताइक्वांडो टीम को वंचित रहना पड़ा है। ताईक्वांडो खिलाड़ी प्रीति कंबोज, आयुष सैनी, नमिश, अनंत चौहान, प्रियांशु, नमन कुमार, अनिरूद्ध, गीतांशु, ईश्वर गुज्जर ने बताया कि सरकार की ओर से अधिकारी ने एक महीने से फाईल ही पास नहीं की। अधिकारियों से 26 सितम्बर से अंडर-14 ताईक्वांडो की फाईल जो नैशनल स्कूल गेम्स के लिए चलाई गयी थी, वो फाईल हरियाणा सरकार के अधिकारियों ने पास ही रही। अधिकारी दिवाली की छुट्टियों में इतने व्यस्त हो गए की उन्हें इस बात का भी ध्यान नहीं रहा कि कोई टीम नैशनल खेलने भी जाएगी। अधिकारियों द्वारा समय पर ड्यूटी न आने का खामियाजा ताइक्वांडो खिलाडिय़ों को भुगतना पड़ा है। ताइक्वांडो की स्टेट प्रतियोगिता फतेहाबाद में 8 से 10 सितम्बर को हुई थी, जिसमें पूरे हरियाणा से 11 खिलाडिय़ों का अलग-अलग भार वर्ग में नैशनल के लिए चयन किया गया था। सरकार के लापरवाह अधिकारियों गी गलती से पहली बार हरियाणा अंडर-14 टीम नैशनल में भाग नहीं ले पाई। जिन बच्चों के लिए नैशनल खेलने के लिए आखिरी मौका था, उनक खिलाडिय़ों का भविष्य क्या होगा? उन्होंने बताया कि जिन खिलाडिय़ों ने पूरे साल मेहनत कर स्वर्ण पदक जीता और नैशनल खेलने का स्वपन देख रहे थे। उनके अभिभावक भी इस बात से बहुत खुश थे, लेकिन जब अभिभावकों को पता चला कि टीम नैशनल खेलने नहीं जाएगी तो उनमें भी निराशा भर आई। यहां तक कि अभिभावकों ने सरकार से यहां तक कह दिया कि खिलाडिय़ों का खर्चा वे स्वयं भर देंगे, आप सिर्फ हरियाणा की टीम की एंट्री करवा दो, लेकिन सरकार के अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। खिलाडिय़ों ने बताया कि नैशनल गेम्स में 35 टीमें भाग ले रही हंै, जबकि पंचकूला अधिकारियों की तरफ से हरियाणा की टीम को खतरा बताकर टीम को नहीं भेजने का कारण बताया गया है। सोचने वाली बात ये है कि क्या हरियाणा की टीम को ही खतरा था। खिलाडिय़ों ने कहा कि इस संबंधी प्रदेश के मुख्यमंत्री व खेल मंत्री को भी लापरवाह अधिकारियों की शिकायत की जाएगी, ताकि खिलाडिय़ों के भविष्य से खिलवाड़ न हो।
कोट्स:
-पंचकूला खेल अधिकारी द्वारा 26 सितंबर तक इस संबंधी कोई जवाब नहीं दिया गया। 27 अक्तूबर को सुबह मेल से टीम भेजने बारे सूचित किया गया, लेकिन इस समय खिलाडिय़ों को लेकर जाना मुनासिब नहीं था।
-हरबंस कंबोज, एईईओ सिरसा।

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