सिरसा। जिला पार्षद, प्रदेश अध्यक्ष आॅल इंडिया बंजारा सेवा संघ, प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय मजदूर किसान मंच, जिला अध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्ष एससी, डीएनटी(कांग्रेस पार्टी) हरियाणा कर्मजीत कौर ने दिल्ली जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम को अति निंदनीय बताया है। जारी बयान में कर्मजीत कौर ने कहा कि अपने अधिकारों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठी डंडों, आंसू गैस के गोलों से हमला कर जानवरों की तरह सड़कों पर घसीट-घसीट कर मासूम बच्चों के सिर फोड़े गए, जोकि बहुत ही निंदनीय है। प्रधानमंत्री द्वारा लंबी चुप्पी साधने के बाद ये कह रहे हैं कि पेपर लीक होना महापाप है। क्या ये पाप प्रधानमंत्री को दस साल बाद जब युवाओं ने अपने भविष्य से खिलवाड़ को लेकर आवाज उठाई, तब समझ में आया है। मोदी सरकार ने तो युवाओं को नौकरियां देने का वादा कर सत्ता को पाया था, लेकिन अब क्यों बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है । कर्मजीत कौर ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के जो झूठे नारे दिये हैं, वे केवल और केवल नारे ही साबित हुए। दिल्ली पुलिस के रूप में हिंसा भड़काने के लिए गुंडों को छोड़ा गया, जिन्होंने बेशर्मी की सभी हदें पार कर देश की बेटियों के कपड़े फाड़ कर बदतमीजी की। स्कूल कॉलेज में शिक्षक के लिए ऐसे कानून बनाए गए हैं की वो बच्चों को थप्पड़ नहीं मार सकते, तो फिर दिल्ली पुलिस और गुंडों को क्यों भेजा गया कि प्रदर्शन करने वाले युवाओं के जाकर सिर फोड़ दो। क्या इस देश की जनता अपने अधिकारों की लड़ाई भी नहीं लड़ सकती, पहले किसानों, फिर पहलवानों और अब नौजवानों युवाओं को मारा पीटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा देश तो 1947 में आजाद हो चुका था, मगर अंग्रेजी सरकारों जैसे व्यवहार आज भी जनता के साथ किए जा रहे हैं। क्या अपने अधिकारों को लेकर सरकार के समक्ष आवाज उठाना पाप है? आज भारत की जनता मजबूर है, लाचार है और डरी सहमी हुई है, क्योंकि, आप अपने अधिकार मांगोगे तो गोलियां-डंडे मिलेंगे, आवाज उठाओगे तो जेल में बंद कर दिए जाओगे। ये तो संविधान को खत्म कर लोकतंत्र की हत्या है, और तानाशाही सरकार की निशानी है। जनता अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रही है।
छात्र-छात्राओं पर लाठी चार्ज लोकतंत्र की हत्या: कर्मजीत कौर
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