सिरसा। आर. आई. ई. आर. एफ. के अंतर्गत अब रोग मुक्ति इलैक्ट्रोहोम्योपैथी इंस्टीट्यूट, सिरसा में युवाओं के लिए डी. ई. एम. एस., सी. ई. एम. एस., डी फार्मेसी करने का सुनहरा अवसर है। डा. राजेश कुमार ने बताया कि सिरसा में रोग मुक्ति इलैक्ट्रोहोम्योपैथी इंस्टीट्यूट की शुरूआत की गई है। शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यतिथि डा. सुरेंद्र ठाकुर (धर्मशाला) ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि चिकित्सा के जगत में यह एक तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र है, जिसमें करियर को लेकर अपार सम्भावनाएं हैं। मेडिकल की अन्य शाखाओं की तुलना में इलेक्ट्रो होम्योपैथी की पढ़ाई सस्ती है, इसलिये जो छात्र चिकित्सा के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं लेकिन, पैसों के अभाव के चलते ऐसा नहीं कर पाते, उनके सपने पूरे करने के लिये यह एक शानदार क्षेत्र है। उन्होंने बताया कि डिप्लोमा/डिग्री धारक योग्यता और अनुभव के आधार पर अच्छा वेतन प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा अपना क्लीनिक खोलने पर अपनी योग्यता के हिसाब से जितना चाहें कमा सकते हैं। उन्होंने बताया कि कक्षा 12वीं के बाद उक्त कोर्सिज किए जा सकते हैं। इस मौके पर अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे और इस पद्धति के बारे में अपने अनुभव सांझा किए। इस मौके पर मोगा से डा. जगजीत गिल, बठिंडा से डा. एसके कटारिया, डा. रमेश शर्मा, डा. रोबिन अरोड़ा, नंदलाल, यूपी बिजनौर से डा. इमरान अपनी टीम के साथ, सिरसा से डा. मनदीप मक्खन, डा. कुलदीप शर्मा, डा. गुरप्रीत सिंह, डा. मनोज विनायक, डा. विश्वास, डा. सुनील कंबोज, डा. कंचन, डा. सवीना, हर्ष बाला उपस्थित थे।
क्या है इलेक्ट्रो होम्योपैथी:
डा. राजेश कुमार ने बताया कि इलेक्ट्रोहोम्योपैथी पद्धति में पेड़-पौधों का औषधीय अर्क निकालकर उसका इस्तेमाल विभिन्न रोगों में आल्टरनेट थेरेपी के तौर पर किया जाता है। इस चिकित्सा पद्धति के अनुसार रोग के लक्षण और औषधि के लक्षण में जितनी अधिक समानता होगी, रोगी के ठीक होने की सम्भावना भी उतनी अधिक बढ़ जाएगी। इस थेरेपी का मुख्य काम रक्त में आई अशुद्धियों को दूर कर शरीर को बीमारियों से मुक्त बनाना है।
रोगमुक्ति इंस्टीट्यूट आॅफ इलैक्ट्रोहोम्योपैथी एंड नेचुरल साइंस में करवाए जाएंगे विभिन्न कोर्स: डा. सुरेंद्र ठाकुर
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