एकमात्रा, दोमात्रा, तीनमात्रा जापों का किया रहस्योद्घाटन
सिरसा। वेदोनुसार आत्मा के परम लक्ष्य मोक्ष की प्राप्ति के लिए एक ही रास्ता है ओम का श्रद्धापूर्वक जाप जो ईश्वर प्राप्ति का मार्ग है, लेकिन ओम का एकमात्रा दोमात्रा तथा तीनमात्रा जाप करे। ये शब्द आर्यसमाज बेगू रोड सिरसा के कार्यकारी प्रधान भूपसिंह गहलोत ने साप्ताहिक हवन यज्ञ व वैदिक सत्संग के अवसर पर कहे। एकमात्रा जाप की विधि के बारे में उन्होंने बताया कि ऊंचे स्वर में ओम का उच्चारण कीजिए, इसके अतिरिक्त ओर कोई ध्वनि सुनाई न दे। यह जाप स्थूल शरीर के लिए होता है। ऐसा करने से संसार मेें जितनी भी दौलत, शक्ति है,आपकी हो जाएगी लेकिन शांति नहीं मिलेगी। शांति मिलेगी दोमात्रा के जाप करने से। उन्होंने बताया कि एकमात्रा का जाप स्थूल शरीर का जाप है। इसके जाप करने वाला मनुष्य पृथ्वी/मनुष्य लोक को प्राप्त करता है जबकि दोमात्रा जाप करने वाला चंद्रलोक को प्राप्त करता है। तीन मात्रा का जाप करने वाला सूर्यलोक/प्रकाश लोक को प्राप्त करता है। ये सभी लोक हमारे भीतर हैं। इससे पूर्व हवन यज्ञ किया गया। आज के यजमान योगार्थी कुलदीप आर्य, यज्ञब्रह्मा कुणाल आर्य तथा अध्यक्षता छगनलाल आर्य ने की। कृष्ण कुमार मलिक ने वैदिक भजनों द्वारा सबको हर्षित किया। इस अवसर पर विजयपाल आर्य, समाजसेवी डॉ. लेखराज लूथरा, कृष्ण कुमार आर्य, कृष्णा आर्या, डॉ. आरके निजात, पूर्व प्रबंधक गंगाराम वर्मा, अनीश आर्य, मंदीप आर्य व अमृत आर्य मौजूद थे। अंत में शांतिपाठ व प्रसाद वितरण के साथ सभा का समापन हुआ।
ओम का श्रद्धापूर्वक जाप ही ईश्वर प्राप्ति का मार्ग: गहलोत
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