नौकरी की आस न होने के कारण पढ़ाई छोड़ रहे युवाbसिरसा, 29 सितंबर। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता नवीन केडिया ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी के खतरनाक आंकड़े युवाओं के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं और नौकरी की आस न होने के चलते युवा पढ़ाई छोडऩे को मजबूर हैं।
यहां जारी बयान में नवीन केडिया ने कहा कि सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी की रिपोर्टों में हरियाणा में बेरोजगारी दर देश में सबसे अधिक 30 से 37 फीसदी है जबकि सरकार झूठी रिपोर्ट के आधार पर बेरोजगारी घटने का दावा कर रही है। नवीन केडिया ने कहा कि प्रदेश में सरकारी भर्तियों के इंतजार में युवा ओवरएज हो चुके हैं और हताश होकर परिवारों का गुजारा चलाने के लिए छोटे-मोटे काम शुरू कर रहे हैं। हालात ये हैं कि नेट पास युवा भी दुकानों पर नींबू मिर्च टांग रहे हैं। समाचार एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक ठेकेदारी में शोषण से तंग युवा चाय बेचने और छोटे मोटे धंधे करने को मजबूर हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम में लंबे समय से रिक्तियां नहीं निकाली जा रहीं जिससे इसमें पंजीकृत युवा भी निराशा के शिकार हो रहे हैं। हर घर को रोजगार देने का वादा करने वाली बीजेपी की सरकार से लोग नाउम्मीद हो चुके हैं। केडिया ने सरकार से मांग की कि हर घर के शिक्षित युवा को रोजगार देने के अपने वादे को तत्काल पूरा करे और युवाओं के धैर्य की परीक्षा न ले। सरकारी दफ्तरों में खाली पड़े लाखों पदों पर युवाओं को पक्की नौकरियां देकर उनके भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी राज्य सरकार पर है और वह इससे भाग नहीं सकती।–
