सिरसा। भारतीय किसान एकता (बीकेई) द्वारा बीती शाम लंगर स्थल, पंजुआना में किसान आंदोलन के दौरान उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसानों को वाहन से कुचलकर शहीद किए जाने की घटना की बरसी पर शहीद किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान शहीद किसानों की तस्वीरों पर पुष्प अर्पित कर किसान आंदोलन में शहीद हुए सभी किसानों को श्रद्धांजलि दी गई।
जानकारी देते हुए बीकेई के मीडिया प्रभारी गुरलाल भंगू ने बताया कि बीकेई प्रधान लखविंदर सिंह औलख के नेतृत्व में पंजुआना, भंगू, रघुआना, खाई शेरगढ़ सहित आसपास के कई गांवों से पहुंचे किसानों और युवाओं ने शहीद किसानों को याद करते हुए किसान एकता जिंदाबाद और शहीद किसान अमर रहे के नारे लगाए। उन्होंने बताया कि इसी दिन सुबह शहीद किसानों की आत्मिक शांति तथा समस्त किसान-मजदूर समाज की खुशहाली के लिए बीकेई द्वारा गांव मोरीवाला (अमरजीतपुरा) के गुरुद्वारा साहिब में चल रही अखंड पाठ साहिब की श्रृंखला के दौरान शहीद किसानों की याद में अखंड पाठ साहिब का प्रकाश करवाया गया। श्री अखंड पाठ साहिब जी के भोग 5 अक्टूबर को सुबह 9:30 बजे डाले जाएंगे। इस अवसर पर बीकेई प्रधान लखविंदर सिंह औलख ने 3 अक्टूबर को भारतीय किसान आंदोलन के इतिहास का सबसे दर्दनाक और काला दिन बताते हुए कहा कि किसान आंदोलन के दौरान किसानों ने अपने हक और न्याय के लिए बड़ी कुर्बानियां दी हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के लंबे संघर्ष और शहादत के कारण ही केंद्र सरकार को तीनों कृषि कानून वापस लेने पड़े। इन वीर शहीद किसानों का बलिदान किसान आंदोलन के इतिहास में हमेशा अमर रहेगा। औलख ने आसपास के गांवों के किसानों और आम लोगों से अपील की कि वे 5 अक्टूबर को सुबह 9:30 बजे गांव मोरीवाला (अमरजीतपुरा) के गुरुद्वारा साहिब में पहुंचकर श्री अखंड पाठ साहिब जी के भोग में शामिल हों और शहीद किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित करें। इस अवसर पर सुखजिंदर सिंह, लाभ सिंह, बलजिंदर सिंह, कुलवंत सिंह, सतनाम सिंह, गगनदीप सिंह, इकबाल सिंह, रेशम बराड़, सोनू, बब्बू, समनदीप, सुखमन सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान और युवा मौजूद रहे।
लखीमपुर खीरी के शहीद किसानों को बीकेई ने दी श्रद्धांजलि
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