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धर्म के नाम पर देश को बांटने की भाजपा की पुरानी नीति

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– भाजपा ने कर्नाटक के संदर्भ में गलत तथ्य प्रस्तुत करके सदन को गुमराह किया : लाल बहादुर खोवाल
– भाजपा द्वारा कांग्रेस पर आधारहीन आरोप लगाने पर हरियाणा कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट ने जताया रोष
– जेपी नड्डा व रिजिजू के खिलाफ कांग्रेस ने विशेषाधिकार हनन का नोटिस सौंपा, कड़ी कार्रवाई की तैयारी : एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल

हिसार : संसद में संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू द्वारा कांग्रेस पर लगाए गए आरोपों पर हरियाणा कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट ने रोष जताया है। हरियाणा कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट के अध्यक्ष एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने कहा कि धर्म के नाम पर देश को बांटने की भाजपा की नीति रही है। इसी नीति को सुदृढ़ करते हुए मंत्री किरण रिजिजू ने कांग्रेस पर आधारहीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले पर कांग्रेस के समस्त केंद्रीय वरिष्ठ नेताओं ने कड़ा संज्ञान लिया है।
एडवोकेट खोवाल ने कहा कि कांग्रेस की कर्नाटक सरकार द्वारा सार्वजनिक ठेकों में आरक्षण के विधेयक के संदर्भ में भाजपा ने हंगामा खड़ा कर दिया है। कांग्रेस का मकसद केवल इतना है कि हर नागरिक को समान अधिकार मिलें और उन्हें समान रूप से आगे बढ़ने के अवसर मिले। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बयान को तोड़-मरोडक़र सदन को गुमराह करने की कोशिश की है। इसलिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा व रिजिजू के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस कांग्रेस नेताओं द्वारा सभापति को सौंपा गया है।
लाल बहादुर खोवाल ने कहा कि कांग्रेस तो केवल सामाजिक व शैक्षणिक पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण देने की पक्षधर है। कांग्रेस का प्रयास है कि एससी, एसटी, ओबीसी सहित तमाम उपेक्षित वर्ग को आगे बढ़ने के अवसर मिलें और वे भी समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकें। इसलिए कांग्रेस के खिलाफ अनर्गल झूठ फैलाने की अपेक्षा भाजपा को आरक्षण पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
खोवाल ने बताया कि कांग्रेस ने वर्ष 2015 में कर्नाटक में एससी, एसटी को 50 लाख रुपये तक के सरकारी ठेकों में 24 प्रतिशत आरक्षण दिया है। जुलाई 2023 में एससी, एसटी आरक्षित ठेकों की सीमा को 50 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ कर दिया गया। जून 2024 में सरकारी ठेकों में ओबीसी को भी आरक्षण दिया गया। श्रेणी-1 में पिछड़े वर्ग को 4 प्रतिशत आरक्षण और श्रेणी-2 ए में अति पिछड़े वर्ग को 15 प्रतिशत आरक्षण मिला है। पिछड़े वर्गों की श्रेणी सितंबर 1994 में तय की गई थी जिसके तहत मुस्लिम समुदाय के पिछड़ों को शैक्षिक और सामाजिक-आर्थिक सर्वे के बाद पिछड़ों की द्वितीय बी श्रेणी में रखा गया। इसलिए कर्नाटक के सरकारी ठेकों में आरक्षण धर्म के आधार पर नहीं बल्कि केवल पिछड़ेपन के आधार पर रहा है। कर्नाटक में इसी के आधार पर शिक्षा और सरकारी नौकरी में द्वितीय बी श्रेणी के तहत पिछड़े वर्ग के मुसलमानों के लिए 31 वर्षों से 4 प्रतिशत आरक्षण लागू है। कर्नाटक में सत्ता में रह चुकी भाजपा सरकार ने पहले कभी इस आरक्षण पर सवाल नहीं उठाया, अब संसद में इसे बड़ा मुद्दा बनाकर हंगामा किया जा रहा है और सदन को गुमराह किया जा रहा है।
हरियाणा कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट के अध्यक्ष एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल वास्तविकता तो यह है कि जेपी नड्डा व रिजिजू ने सदन को गलत जानकारी उपलब्ध करवाई। इस संदर्भ में कांग्रेस कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। यह भी सच है कि भाजपा धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है, कांग्रेस तो सभी नागरिकों की खुशहाली की पक्षधर है।

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