साइबर ठगी की वारदातों से बचाने के लिए पुलिस द्वारा समय-समय पर जनहित में एडवाइजरी जारी कर लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है। आमजन से अपील है की जागरूक व सतर्क होकर साइबर ठगी की वारदातों से बचे।
पुलिस अधीक्षक डबवाली सिद्धान्त जैन आईपीएस ने बताया कि अनजान नंबर से आया वीडियो कॉल आप पर भारी पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि तकनीक के इस युग में हर कोई इंटरनेट की दुनिया में साइबर अपराधी ठगी के नए-नए तरीके अपना कर लोगों के साथ ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं । साइबर फ्रॉड करने वालों ने लोगों को ब्लैकमेल करने का नया तरीका अपना लिया है। साइबर अपराधी पहले अज्ञात नंबर से वीडियो कॉल करते हैं । जिस नंबर से कॉल आता है, उसे अटेंड करने पर सामने न्यूड वीडियो चल रही होती है । कॉल रिसीव करते ही साइबर अपराधी न अपने मोबाइल फोन का स्क्रीन शॉट्स ले लेते हैं । इसमें कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले न की तस्वीर कैद हो जाती है । तत्काल उस वीडियो को सामने वाले के पास भेजकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर देते है। पीड़ित व्यक्ति अपने सम्मान और साख बचाने के चक्कर में पैसे दे देता है ।
पुलिस अधीक्षक ने आमजन को इस प्रकार की साइबर ठगी से बचने की सलाह देते हुए कहा कि अगर किसी व्यक्ति के पास अज्ञात नंबर से किसी भी तरीके से वीडियो कॉल आता है, तो वह उसे अटेंड ना करें । अगर अटेंड कर भी ले तो पहले उसमें अपना चेहरा ना दिखाए । पहले सामने वाले का चेहरा देखे कोई परिचित है तो अपना चेहरा दिखाओ नहीं तो फोन काट दे ।
निम्न सावधानियां अपनाएं;
सोशल मीडिया अकाउंट के प्रोफाइल को हमेशा लॉक रखें व अपने फेसबुक प्रोफाइल पर प्राइवेसी सेटिंग लगा के रखें।
अंजान नम्बर से आई वीडियो कॉल को रिसीव ना करें । अगर कॉल रिसीव कर ली गई है तो मोबाइल का कैमरा फ्रंट की बजाय रियल मोड पर कर दें ।
सोशल मीडिया अकाउंट (फेसबुक, इंस्टाग्राम) अन्य अकाउंट में किसी अनजान व्यक्ति की भेजी हुई फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार ना करें ।
अगर आपकी वीडियो यूट्यूब पर अपलोड कर दी गई है तो उसकी रिपोर्ट कर दें ऐसा करने से यूट्यूब उस वीडियो को यूट्यूब से हटा देगी। – किसी भी अजनबी को अपने प्रोफाइल के बारे में पूरी जानकारी ना दें। अपनी पहचान या कोई एड्रेस भी ना दें और ना ही अपना पर्सनल मोबाइल नंबर शेयर करें ।

