स्थानीय लघु सचिवालय में ऑपरेशन अभ्यास के तहत बुधवार को मॉकड्रिल हुई, जिसमें अचानक आग लगने के बाद बिल्डिंग को खाली करवाने से लेकर घायलों का अस्पताल पहुंचाने का अभ्यास किया गया। शाम चार बजे लघु सचिवालय में अचानक सायरन की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद अधिकारी और कर्मचारी अचानक बिल्डिंग से बाहर निकल आए। इसी दौरान पुलिस, सिविल डिफेंस, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस मौके पर पहुंची। सिविल डिफेंस व पुलिस कर्मचारी सचिवालय की बिल्डिंग के उस हिस्से में पहुंचे जहां, आग की वजह से धुआं नजर आ रहा था। कुछ देर में ही यहां से छह लोगों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया। सायरन की आवाज के बाद पुलिस अधीक्षक डा. मयंक गुप्ता, अतिरिक्त उपायुक्त लक्षित सरीन, एसडीएम राजेंद्र सिंह मौके पर पहुंच गए। इसके अलावा उपमंडल स्तर पर भी मॉकड्रिल का आयोजन किया गया।
अतिरिक्त उपायुक्त लक्षित सरीन ने मॉकड्रिल के बाद बातचीत करते हुए कहा कि यह अभ्यास इस बात को जांचने का था कि हम कितने समय में आपात स्थिति के दौरान मदद पहुंचा सकते हैं, जिससे कम से कम कैजुअलटी हो। उन्होंने कहा कि मॉकड्रिल के दौरान एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड के पहुंचने का समय भी नोट किया गया है। उन्होंने बताया कि आवश्यकता अनुसार फिर से मॉकड्रिल की जा सकती है। जिला में रात 7:50 से 8:00 बजे तक होने वाले ब्लैकआउट के लिए भी गांव स्तर पर भी जानकारी पहुंचाने के लिए ग्राम सचिव व पटवारियों की ड्यूटियां निर्धारित की गई है।
ऑपरेशन अभ्यास के तहत जिला में हुई मॉकड्रिल
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