Home » देश » नियमों के विरूद्ध ट्रांसफर पर खटखटाई सीएम विंडो

नियमों के विरूद्ध ट्रांसफर पर खटखटाई सीएम विंडो

Facebook
Twitter
WhatsApp
97 Views

तकनीकी शिक्षा विभाग हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव व महानिदेशक की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में
सिरसा। तकनीकी शिक्षा विभाग हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव व महानिदेशक द्वारा नियमों के विरुद्ध  रेणु आर्य को तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशालय कार्यालय में डिप्टी डायरैक्टर सोसायटी के पद पर ट्रांसफर करने तथा इनके द्वारा फैलाये गये भ्रष्टाचार को लेकर सोसायटी कर्मचारी सहदेव ने सीएम विंडो का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने बताया कि रेणु आर्य जोकि लैक्चरर इन फार्मेसी राजकीय बहुतकनीकी शिक्षा समिति उतावड़ से हैं, उनका एचएसबीटीई में सहायक सचिव के पद पर डेपुटेशन के लिए चयन किया गया था । डिप्टी डायरेक्टर (सोसायटी) का पद एक राजपत्रित पद है और इस पर केवल राजपत्रित अधिकारी को ही नियुक्त किया जा सकता है, परन्तु राजकीय बहुतकनीकी शिक्षा समिति में कार्यरत लैक्चरर गैर राजपत्रित पद की श्रेणी में आता है। इसलिए रेणु आर्य को डिप्टी डायरेक्टर के पद पर नियुक्त करना सरेआम नियमों की उल्लंघना है। हरियाणा सरकार के गजट नोटिफिकेशन नवम्बर 12, 2019 के नियमानुसार  डिप्टी डायरेक्टर के पद पर केवल राजकीय बहुतकनीकी के राजपत्रित अधिकारी को ही नियुक्त किया जाता है, परन्तु यहां सरेआम नियमों की उल्लंघना करते हुए विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा रेणु आर्य को निदेशालय में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर लगाया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि विभाग के उच्च अधिकारी भी इस मिली भगत में शामिल हैं। निदेशालय में लगने के बाद रेणु आर्य ने अपने भ्रष्टाचार को फैलाना शुरु कर दिया। किसी राजकीय बहुतकनीकी शिक्षा समिति में कार्यरत स्टाफ  के हैड क्वार्टर शिफ्ट करने संबंधी फाईल तब तक कार्यवाही में नहीं लाई जाती, जब तक उपनिदेशक सोसायटी की जेब गर्म नहीं की जाती । उपनिदेशक सोसायटी कहती हैं कि उनकी मर्जी के बिना किसी भी स्टाफ  का हैड क्वार्टर शिफ्ट नहीं हो सकता। इसके अलावा किसी भी राजकीय बहुतकनीकी शिक्षा समिति में कार्यरत स्टाफ  के एसीपी संबंधी केस को जब तक नहीं लागू किया जाता, जब तक इनकी जेब गर्म नहीं की जाती। अगर यदि किसी स्टाफ  की कोई वाजिब शिकायत आती है तो उसको उपनिदेशक सोसायटी द्वारा जानबूझकर दबा दिया जाता है। इसके अलावा उपनिदेशक सोसायटी राजकीय बहुतकनीकी शिक्षा समितियों में कार्यरत प्रधानाचार्यों से सैटिंग व बातचीत करके किसी भी स्टाफ  की चार्जशीट करवा दी जाती है और जबरदस्ती उसका हैड क्वार्टर शिफ्ट कर दिया जाता है। इसके अलावा उस चार्जशीट को ठीक करवाने के लिए उस स्टाफ  से मोटी रकम ली जाती है। इसके अलावा रेणु आर्य द्वारा विभाग के उच्च अधिकारियों को किसी भी स्टाफ  के विरुद्ध बहकाकर उसका जबरदस्ती हैड क्वार्टर शिफ्ट करवाया जाता है और चार्ज शीट करवाई जाती है। निदेशालय में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर लगने के बाद रेणु आर्य ने भ्रष्टाचार को साम्राज्य स्थापित कर दिया है। रेणु आर्य राजकीय बहुतकनीकी शिक्षा समितियों में स्टाफ  के हर कार्य के लिए रिश्वत लेती हैं। किसी की एसीपी लगानी हो या इन्क्रीमैंट लगवाना हो या पदोन्नति करवानी हो, उसके लिए मोटी-मोटी रिश्वत लेती है। अभी हाल ही में उन्होंने राजकीय बहुतकनीकी शिक्षा समितियों में पदोन्नति करवाने की एवज में स्टाफ  से मोटी राशि ली है। जो स्टाफ  राशि देता है, उसकी ही पदोन्नति होती है। यही नहीं ये सरेआम कहती हैं कि उनकी पहुंच बहुत ऊपर तक है, इसलिए विभाग का मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं महानिदेशक उनका कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता। अत: आपसे अनुरोध है कि उक्त अधिकारी को डिप्टी डायरेक्टर के पद से सहायक सचिव के पद भेजा जाये, ताकि इनके द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके तथा इनके द्वारा किये गये भ्रष्टाचार की जांच करवाई जा सके।
फोटो: शिकायत की कॉपी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

टॉप स्टोरी

पंचांग

Gold & Silver Price

Popular Metal Prices