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गंभीर और संवेदनशील राष्ट्रीय मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा जरूरी

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सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखती है, तो तत्काल संसद का विशेष सत्र बुलाए

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि गंभीर राष्ट्रीय मुद्दों पर संसद की चर्चा होनी चाहिए ऐसे में जल्द से जल्द विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर और युद्ध विराम पर चर्चा करना लोगों और उनके प्रतिनिधियों के लिए बहुत जरूरी है। यह आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए हमारे सामूहिक संकल्प को प्रदर्शित करने का भी एक अवसर होगा।

 

मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री को भेजा गया पत्र विपक्ष की सर्वसम्मत भावनाओं को दर्शाता है। अत्यंत गंभीर और संवेदनशील राष्ट्रीय मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा आवश्यक है। यह देश की लोकतांत्रिक परंपरा, सुरक्षा नीति और जनता के प्रति हमारी जवाबदेही का हिस्सा है। कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार इन विषयों पर चुप्पी साधे हुए है, जबकि देश चिंतित है और स्पष्टता चाहता है। जनता को सच जानने का अधिकार है, और संसद इसका सर्वोच्च मंच है। विपक्ष देशहित में एकजुट होकर इस विशेष सत्र की मांग कर रहा है, और यदि सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखती है, तो उसे तत्काल संसद का विशेष सत्र बुलाना चाहिए।

कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस पहलगाम में हुए अमानवीय आतंकवादी हमले के मद्देनजर संसद के दोनों सदनों का एक विशेष सत्र बुलाने का अनुरोध पहले भी कर चुकी है। नवीनतम घटनाक्रमों के मद्देनजर लोकसभा में विपक्ष के नेता ने आपको फिर से पत्र लिखकर सभी विपक्षी दलों की सर्वसम्मत मांग से अवगत कराया है कि पहलगाम आतंकवाद, ऑपरेशन सिंदूर और पहले वाशिंगटन डीसी और बाद में भारत और पाकिस्तान की सरकारों द्वारा की गई युद्धविराम की घोषणाओं पर चर्चा करने के लिए संसद का एक विशेष सत्र बुलाया जाए।

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