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कम लिंगानुपात वाले क्षेत्रों की होगी पहचान

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-बेहतर लिंगानुपात के लिए प्रभावी कार्ययोजना के साथ काम करें अधिकारी
उपायुक्त ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने के दिए निर्देश
– गांवों में मोबाइल वैन कर रही जागरूक
पायुक्त शांतनु शर्मा ने कहा कि जिला में लिंगानुपात को और बेहतर बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग व्यापक कार्य योजना के साथ कार्य करें और जिला में उन क्षेत्रों व गांवों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए, जहां अन्य क्षेत्र या गांव के मुकाबले लिंगानुपात कम है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लिंगानुपात को और बेहतर बनाने में अपना योगदान दें।
बुधवार को उपायुक्त शांतनु शर्मा स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के साथ लिंगानुपात में और सुधार को लेकर समीक्षा बैठक कर रहे थे। इससे पहले स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) सुधीर राजपाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि अप्रैल 2024 से अप्रैल 2025 के बीच आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए रणनीति तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि मासिक बैठक के साथ-साथ त्रैमासिक समीक्षा बैठक नियमित रूप से आयोजित की जाएं, जिससे लिंगानुपात से जुड़ी समस्याओं की गहराई से जांच की जा सके। उन्होंने कहा कि लिंगानुपात में और सुधार के लिए जिले में जल्द टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा, यह टास्क फोर्स खासकर उन गांवों व क्षेत्रों पर विशेष नजर रखेगी, जहां लिंगानुपात कम है। ऐसे क्षेत्र के लिए प्लान तैयार किया जाएगा ताकि वहां जागरूकता कार्यक्रम अधिक से अधिक किए जा सके।
उपायुक्त ने कहा कि जिला में लिंगानुपात और बेहतर बनाने के लिए सभी को जागरूक होकर काम करना होगा। उन्होंने हाई रिस्क प्रेगनेंसी के मामलों में विशेष निगरानी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भ्रूण हत्या रोकने के लिए व्यापक कदम उठाए जाएं, जो भी नियमों का उल्लंघन करे उसके खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए।
उपायुक्त ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर व आशा वर्कर लोगों को भ्रूण लिंग जांच के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करें। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में सुधार कम है, वहां संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न की जाए। प्रत्येक जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी के काम की ब्लॉक स्तर पर समीक्षा की जाए। उपायुक्त शांतनु शर्मा ने बताया कि जिला में लिंगानुपात को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसके तहत मोबाइल वैन गांव-गांव जा रही है।

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