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20 मई को राष्ट्रीय हड़ताल होगा चक्का जाम

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रोडवेज कर्मचारियों की समस्याओं का बातचीत से समाधान करे सरकार नहीं तो होगा आंदोलन: सुमेर सिवाच
सिरसा। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन रजिस्टर्ड नं01 संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा कि राज्य कमेटी की मीटिंग राज्य प्रधान नरेंद्र दिनोद की अध्यक्षता में संपन्न हुई व संचालन महासचिव सुमेर सिवाच ने किया। प्रदेश प्रवक्ता व सिरसा डिपो प्रधान पृथ्वी सिंह चाहर व सचिव सतपाल सिंह रानियां व कोषाध्यक्ष रविंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि सर्वप्रथम मीटिंग में ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के वर्तमान  राष्ट्रीय अध्यक्ष नेपाल देव भट्टाचार्य की आकस्मिक निधन पर गहरा दुख प्रकट करते हुए 2 मिनट मौन धारण किया गया। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि 20 मई को रोडवेज कर्मचारी देशव्यापी हड़ताल में बढ़-चढक़र के भाग लेंगे। राज्य प्रधान नरेंद्र दिनोद व महासचिव सुमेर सिवाच व प्रदेश प्रवक्ता पृथ्वी सिंह चाहर व सचिव सतपाल सिंह रानियां व कोषाध्यक्ष रविंद्र कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार कर्मचारी मजदूर विरोधी चार कोड बिल रद्द कर ट्रेड यूनियनों पर हमला बंद करें। प्रदेश का अलग वेतन आयोग गठित करने, अंतरिम राहत 5000 देने व अन्य मांगों कि चर्चा करते हुए केन्द्र सरकार द्वारा आठवें वेतन से रिटायर कर्मचारियों को बाहर करने का जो बिल पास किया गया उसकी घोर निंदा करते हुए केंद्र सरकार से वेतन आयोग के नियमों से कोई छेड़छाड़ ना करने और हरियाणा सरकार से अपील करते हैं कि स्वतंत्र वेतन आयोग का गठन करे, वेतन आयोग की सिफारिशों को समय पर लागू किया जाए, पुरानी पेंशन बहाल की जाए, रिटायर कर्मचारियों की रिटायरमेंट करते समय वेतन वृद्धि लगा कर रिटायर करे, पेंशन पर 65-70-75 साल पर 5 से 10 और 15 प्रतिशत वृद्धि की जाए, एच के आर एन के सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की पॉलिसी बनाई जाए, कम्यूटेशन पर ब्याज दर कम कर 10 साल में पूरी करे, कर्मचारी के परिवार की आय फैमली आईडी में 3500 क शर्त को हटा कर आश्रितों के मेडिकल बिल पास किया जाए, हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के महासचिव सुमेर सिवॉच, राज्य प्रधान नरेंद्र दिनोद ने  मुख्यमंत्री के आश्वासन अनुसार लम्बित मांगों को हरियाणा रोडवेज  वर्कर्स यूनियन के नेताओं को बुलाकर  तुरन्त समाधान करें। हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय व जी डी पी दर देश के अन्य राज्यों से अधिक है। प्रदेश के लोगों का जीवन यापन का स्तर भी अन्य राज्यों से उच्चतर है, देश चहुंमुखी विकास में वेतन आयोग का महत्वपूर्ण योगदान होता है। सरकार द्वारा जोब सिक्योरिटी एक्ट के बावजूद एच के आर एन के कर्मचारियों को निकालना जा रहा है। यह असंवैधानिक है, सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों की सभी समस्याओं के स्थाई समाधान के लिए एक समग्र रेगुलराइजेशन की नीति बना कर सब को पक्का कर दिया जाए, कर्मचारी की मृत्यु हो जाने पर एक्सग्रेशिया की नीति में पहले पांच व अन्त के तीन वर्ष की नौकरी की शर्त हटाई जाए और जोखिम भरे काम करने वाले कर्मचारियों को जोखिम भत्ता दिया जाए। ऑनलाइन तबादला नीति के परिणाम न तो कर्मचारियों के लिए और न ही सरकार के लिए लाभकारी हैं। बड़ी संख्या में कर्मचारियों के अवांछनीय तबादले कर दिए गये। इससे एक तरफ  जहां कर्मचारियों व जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ा है, वहीं राजस्व की कि हानि हुई है और और रोडवेज कर्मचारियों को ऑप्शन भरने का भी मौका नहीं देगा, तीन दिन में जिसमें दो दिन की छुट्टियां पड़ती थी, इसलिए कमेटी उन साथियों की अपील सुनकर कर्मचारियों की समस्या का हल करें रोडवेज में कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना जरुर करना पड़ा है। विभाग में कर्मचारियों की संख्या बहुत ही कम है, खाली पड़े पदों पर तुरन्त प्रभाव से नियम से नियमित भर्तियां करने की जरूरत है। सरकारी विभागों के माध्यम से जन सेवा प्रदान करने के कार्य को मजबूत किया जाए। रोडवेज विभाग में निजीकरण पर रोक लगाकर विभाग में 10000 नई बसें शामिल करें, ताकि 60000 बेरोजगारों को रोजगार मिल सके रोडवेज कर्मचारियों की देह अवकाश में की गई कटौती बंद करते हुए पुरानी छुट्टियां लागू की जाए, चालक परिचालक वाली पिक का वेतन 35400 किया जाए खाली पदों पर प्रमोशन की जाए की और टी ए और ओवरटाइम की पुरानी पॉलिसी लागू की जाए रिटायर कर्मचारियों के आई कार्ड से फ्री सफर ना करने के शब्दों को हटाया जाए। चाहर व रानियां ने बताया कि मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री बार-बार सभी के लिए दरवाजे खुले होने की ब्यान बाजी करते रहते हैं, परन्तु पिछले दस वर्षों में एक बार भी हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों को बातचीत का समय नहीं दिया है, जिसके कारण कर्मचारियों की अति महत्वपूर्ण मांगों का भी समाधान नहीं हो रहा है। इसको लेकर कर्मचारियों में भारी रोष है, मुख्यमंत्री की तरफ  से कर्मचारियों के मांग मुद्दों पर बातचीत के लिए चुनाव आचार संहिता के बाद मीटिंग का समय देने का आश्वासन दिया था। मांगों का जल्द समाधान न होने पर रोडवेज वर्कर्स यूनियन रजि. नंबर 1 से सरकार बातचीत कर समाधान नहीं करती है तो रोडवेज कर्मचारी  20 मई की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में पूरे देश के कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हड़ताल में भागीदारी करेंगे और आंदोलन तेज करने पर मजबूर होंगे। मीटिंग में शिवकुमार श्योराण, सुशील इक्कस, रमेश सोकंद, पृथ्वी सिंह चाहर, उप प्रधान जयकुमार दहिया, उप महासचिव पवन शर्मा ने भाग लिया।

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