महर्षि दयानंद की शिक्षाओं से करवाया अवगत
सिरसा। महर्षि दयानंद जी ने बताया कि वेद भगवान ने ओम की उपासना का विधान बताया है कि ओम परमात्मा व निज नाम है बाकि नाम गौणिक हैं। उन्होंने बताया कि पूर्ण पुरुषार्थ के उपरांत ईश्वर प्रार्थना उस शक्ति को प्राप्त करने के लिए करें। ये शब्द आर्यसमाज बेगू रोड के कार्यकारी प्रधान भूप सिंह गहलोत ने साप्ताहिक वैदिक सत्संग व हवन यज्ञ के अवसर पर कहे। उन्होंने बताया कि ईश्वर ही हमारा सच्चा सहायक व मित्र है। ऋग्वेद के अनुसार वेद भगवान ने परमात्मा को जीवात्मा का सच्चा सहायक व मित्र कहा है। उपासना करते हुए उपाश्य देवगुणों को प्राप्त करते हुए एकरूप हो जाता है। जैसे पानी की बूंद पानी के साथ मिलकर एक रूप हो जाती है, दूध। हवन यज्ञ के बाद कृष्ण कुमार मलिक व ओमप्रकाश आर्य ने भजनों की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर प्रो. वर्मा, योगार्थी कुलदीप सिंह, डॉ. निजात, कृष्ण कुमार मलिक, ओमप्रकाश आर्य, धर्मवीर सिंह, समाजसेवी लेखराज लूथरा, पूर्व प्रबंधक गंगाराम वर्मा, बलराज आर्य, गुरचरण सिंह, सुमित आर्य, सोमा आर्या, कृष आर्य सहित अनेक आर्यजन मौजूद थे। शांति पाठ व प्रसाद वितरण के साथ सभा का समापन किया गया।
ईश्वर ही हमारा सच्चा सहायक, मित्र: गहलोत
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