सिरसा। बदलते सामाजिक दौर में जहां शादियों में लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, वहीं शहर में एक विवाह ऐसा भी हुआ, जिसने सादगी और संस्कार की नई मिसाल कायम की। जानकारी अनुसार कमलेश देवी एवं मदन लाल जलंधरा निवासी श्री गंगानगर के सुपुत्र पंकज ने विवाह में दहेज स्वरूप केवल एक रुपया और एक नारियल स्वीकार कर यह संदेश दिया कि रिश्ते धन से नहीं, बल्कि आपसी विश्वास और पारिवारिक मूल्यों से बनते हैं। यह विवाह सन्तरो देवी धर्मपत्नी स्व. सुरजा राम नेहरा पूर्व प्रधान जिला कुम्हार सभा सिरसा के परिवार में सम्पन्न हुआ, जिसमें मंजू बाला एवं जगदीश नेहरा की सुपुत्री सारिका का विवाह वैदिक रीति-रिवाजों के साथ सम्पन्न हुआ। पंकज व सारिका दोनों शिक्षित हैं और उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि शादी कोई सौदा नहीं, बल्कि दो परिवारों का पवित्र रिश्ता है। पढ़े-लिखे इस जोड़े ने यह साबित कर दिया कि असली शिक्षा वही है, जो समाज को सही दिशा दे। दुल्ह का कहना है कि उन्होंने शुरू से ही तय कर लिया था कि वे बिना दहेज के शादी करेंगे। उनका मानना है कि दहेज एक सामाजिक बुराई है, जिसे जड़ से खत्म करने की जरूरत है। अगर पढ़े-लिखे युवा आगे आकर पहल करें, तो समाज में बड़ा बदलाव संभव है। यह विवाह केवल दो दिलों का मिलन नहीं, बल्कि एक सामाजिक संदेश भी है कि रिश्ते पैसों से नहीं, बल्कि आपसी सम्मान और संस्कारों से बनते हैं। इस अवसर पर लक्ष्मीचंद प्रजापति (संरक्षक) व नरेंद्र देव आर्य, पूर्व प्रधान जिला युवा कुम्हार संगठन सिरसा ने कहा कि इस प्रकार के दहेज मुक्त विवाह समाज को नई दिशा देने वाले हैं। उन्होंने कहा कि यदि युवा पीढ़ी और अभिभावक इसी तरह जागरूकता दिखाएं, तो दहेज जैसी कुरीति स्वत: समाप्त हो सकती है। उन्होंने दोनों परिवारों को इस सराहनीय पहल के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
जलंधरा परिवार ने शादी में एक रूपया नारियल लेकर पेश की मिसाल
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