सिरसा। भाजपा नेता कुलवन्त राय ने इलाके में सिरसा वाया रंगड़ीखेड़ा-जमाल रोड इत्यादि कुछ सड़कों की विभागीय उपेक्षाओं के कारण उत्पन्न दयनीय दशा को सुधारने हेतु प्रशासन से संज्ञान लेने की मांग की है, ताकि यात्रियों को आवागमन में आ रही परेशानियों से छुटकारा मिल सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सिरसा से वाया रंगड़ीखेड़ा जमाल होते हुए राजस्थान के नोहर इत्यादि क्षेत्रों में सबसे कम लंबी दूरी का रास्ता है, जिस कारण अतीत में प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण हेतु मानदण्ड पूरी करने हेतु जरूरी पर्याप्त भूमि को 60 के दशक में ही किसानों से कीमत व मुआवजा राशि देकर अधिगृहित कर लिया गया था, लेकिन इस सबके बावजूद अज्ञात
कारणों के चलते यात्रियों को आवागमन में परेशानियों व दुर्घटनाओं से जूझना पड़ता है।
उदाहरण स्वरूप (इतना ही नहीं) इस सड़क की दयनीय दशा व उपेक्षा का अन्दाजा इस बात से लगाया जा सकता है की हरियाणा रोडवेज व अन्य साधन को सबसे कम दूरी वाले सिरसा-रंगड़ीखेड़ा/ जमाल से नोहर जाने वाले रास्ते को छोड़कर ज्यादा समय, ज्यादा पैसा व ज्यादा इन्धन खर्च करके ज्यादा लम्बा सफर तय करके सिरसा से वाया चोपटा, जमाल होकर नोहर जाने वाले साधनों व लोगों को आवागमन हेतु मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक अन्य मामले में सबसे कम दूरी तय करके गन्तव्य तक पहुंचाने वाले वाया सिरसा से माधोसिंघाना-फेफाना से नोहर वाले सदियों से उपयोग में लाये जाने वाले रास्ते को माधोसिंघाना से फेफाना के बीच में मात्र कुछ मीटर के टुकड़े को न बनाने के कारण से बनी बनाई सड़क उपयोग में नहीं लाई जा रही है, जिस कारण लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह रह एक अन्य मामले में मौजदीन से वाया माधोसिंघाना जमाल जाने वाली सड़क बनने के साथ-2 ही टूट गई, जिस कारण यात्रियों को परेशानियां झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि सुनने में आया है कि कुछ समय पहले वर्तमान भाजपा सरकार के प्रथम कार्यकाल में उच्च गुणवत्ता वाली सड़क के मामले में पंजाब से सिरसा के नजदीक से राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के नोहरर इत्यादि क्षेत्रों से पंजाब से आने वाली भारतमाला सड़क परियोजना के तहत विभागीय स्तर पर प्रस्तावित था, लेकिन जनचर्चाओं में सुनने में आया है कि किन्हीं अज्ञात कारणों के कारण विभाग द्वारा बार-बार सर्वे करवाकर इस परियोजना के तहत बनने वाली प्रस्तावित सड़क को बदलकर पंजाब से डबवाली से संगरिया से हनुमानगढ़ होते हुए पहले से ही आवागमन हेतु उपयोग में लाए जा रहे मेगा हाइवे के समानांतर बना दी गई है, जबकि उच्च गुणवत्ता वाली सड़कों के मामले में विभाग द्वारा प्रस्तावित क्षेत्र जस का तस उपेक्षित ही रह रहा है।
विभागीय उपेक्षाओं के कारण उत्पन्न दयनीय दशा पर संज्ञान ले प्रशासन: कुलवंत राय
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