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श्री युवक साहित्य सदन में अखिल भारतीय लघुकथा सम्मेलन-2026 आयोजित

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सिरसा। हरियाणा प्रादेशिक हिन्दी साहित्य सम्मेलन, सिरसा द्वारा संचालित हरियाणा प्रादेशिक लघुकथा मंच के तत्त्वावधान में स्थानीय श्री युवक साहित्य सदन में ‘अखिल भारतीय लघुकथा सम्मेलन-2026 का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता श्री जयदेव-सहदेव जैन चैरिटेबल ट्रस्ट, सिरसा के प्रधान ललित मोहन जैन ने की। मुख्य अतिथि के रूप में सुरेंद्र शर्मा, पूर्व उप जिला शिक्षा अधिकारी सिरसा पधारे, जबकि विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त प्राचार्य पवनकुमार गुप्ता थे। इस कार्यक्रम के प्रथम सत्र में प्रो. रूप देवगुण ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। दिवंगत लघुकथाकारों डॉ. सतीशराज पुष्करणा, सतीश राठी, गोबिंद शर्मा तथा स्नेह गोस्वामी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा प्रो.रूप देवगुण तथा डॉ.शील कौशिक ने इनके व्यक्तित्व तथा कृतित्व पर अपने विचार व्यक्त किए। हिंदी विमर्श के अंतर्गत डॉ.शील कौशिक ने  ‘रोग निवारक हैं देवनागरी लिपि के स्वर ‘ विषय पर आलेख पढ़ा तथा लघुकथा विमर्श में प्रो.(डॉ.) ध्रुव कुमार ने ‘लघुकथा की रचनाधर्मिता पर सोशल मीडिया का प्रभाव’ पर अपने विचार प्रकट किए। मंच संचालन डॉ. शील कौशिक, हरीश सेठी ‘झिलमिल’ तथा प्रो.(डॉ.)आरती बंसल ने संयुक्त रूप से किया। लोकार्पण कार्यक्रम में डॉ. शील कौशिक के आलेख-संग्रह ‘आशा की भाषा: हिंदी’ व ‘हिंदी लघुकथा-विमर्श के आयाम'(आलोचना),बूटा राम खाम्बरा के प्रेरक विचार-संग्रह ‘सार्थक जीवन से राष्ट्र निर्माण’, डॉ. रामकुमार घोटड़ के लघुकथा-संग्रह ‘नारी सशक्तिकरण की लघुकथाएं’,योगराज प्रभाकर के  लघुकथा-संग्रह ‘जीवनराग’, बिक्रमजीत नूर की चुनिंदा लघुकथाएं (पंजाबी लघुकथाओं का हिंदी अनुवाद(मूल लेखक: बिक्रमजीत नूर, अनुवादक: योगराज प्रभाकर, ‘एक नोट की मौत’ (सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा),’उलझते-सुलझते धागे ( प्रो. नीलम प्रभा देवगण), अधखुली खिड़कियाँ (डॉ.विभा कुमरिया शर्मा),अँधेरे में छिपा सच (डॉ. उमेश चंद्र शर्मा), संवेदनाओं का स्पर्श(चंदर शर्मा तथा शीशे के उस पार (बृजबाला) लघुकथा-संग्रहों का विमोचन हुआ। दूसरे सत्र में पवन शर्मा को श्री खुशीराम देवगुण स्मृति लघुकथा-सम्मान (सौजन्य: प्रो.रूप देवगुण), प्रो .(डॉ.) ध्रुव कुमार को श्रीमती महादेवी कौशिक स्मृति लघुकथा-सम्मान (सौजन्य: डा. शील कौशिक व डा. मेजर शक्तिराज), डा. अंजना गर्ग को श्री राजकुमार बंसल स्मृति लघुकथा-सम्मान (सौजन्य: प्रो.(डॉ.)आरती बंसल व डॉ. विक्रम बंसल),सुरेंद्र कुमार अरोड़ा को श्री स्योदानराम स्मृति हिंदी लघुकथा- सम्मान(सौजन्य: डॉ. रामकुमार घोटड़) तथा डॉ. विभा कुमरिया शर्मा को श्री रामेश्वर दयाल शर्मा स्मृति हिंदी लघुकथा-सम्मान (सौजन्य: डॉ. ज्ञानप्रकाश ‘पीयूष’) प्रदान किया गया। इसके अलावा प्रो. नीलम प्रभा देवगण, डॉ. उमेश चंद्र शर्मा, विजय कुमार शर्मा, मंजु शर्मा जांगिड़ ‘मनी’, बृजबाला तथा चंदर शर्मा को ‘हिंदी लघुकथा सेवी-सम्मान’ से अलंकृत किया गया। ‘लघुकथा कलश’ पत्रिका पटियाला के संपादक योगराज प्रभाकर द्वारा प्रो.रूप देवगुण को ‘रवि प्रभाकर लघुकथा सम्मान-2024’ तथा डॉ. नीना छिब्बर को ‘ऊषा प्रभाकर लघुकथा सम्मान-2024’ से नवाजा गया। सभी सम्मानित साहित्यकारों को डॉ. मधुकांत द्वारा संचालित प्रज्ञा साहित्यिक मंच, रोहतक की ओर से डॉ. अंजना गर्ग तथा पूनम भोला ने शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। तृतीय सत्र में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश के लघुकथाकारों ने अपनी एक-एक लघुकथा प्रस्तुत की, जिसकी समीक्षा योगराज प्रभाकर ने की। कार्यक्रम के अंत में डॉ. शील कौशिक ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर शहर के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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