सिरसा। चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय (सीडीएलयू), सिरसा द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न स्नातकोत्तर एवं अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु अधिसूचना जारी कर दी गई है, किंतु एलएलएम (मास्टर आॅफ लॉ) पाठ्यक्रम को बिना किसी कारण या स्पष्टीकरण के पूरी तरह अधिसूचना से बाहर रखा गया है। उदय संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष मांगे राम ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय उच्च विधि शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर एवं ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के लिए सीडीएलयू ही एलएलएम का प्रमुख विकल्प है। यदि समय रहते प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ नहीं की गई, तो अनेक विद्यार्थियों का पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है। मांगे राम ने विश्वविद्यालय प्रशासन से सवाल किया कि जब शैक्षणिक सत्र 2025-26 में विद्यार्थियों की बढ़ती मांग को देखते हुए एलएलएम में 10 अतिरिक्त सीटें बढ़ाई गई थीं, तो इस वर्ष उसी पाठ्यक्रम को बिना किसी सूचना अथवा कारण के प्रवेश अधिसूचना से बाहर क्यों रखा गया? उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल इस विषय पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण देना चाहिए तथा संशोधित अधिसूचना जारी कर एलएलएम की प्रवेश प्रक्रिया अविलंब प्रारम्भ करनी चाहिए, ताकि किसी भी विद्यार्थी का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो उदय संस्था विद्यार्थियों के शैक्षणिक अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक माध्यमों से व्यापक जन-अभियान, ज्ञापन, शांतिपूर्ण प्रदर्शन एवं अन्य वैधानिक कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य किसी प्रशासनिक लापरवाही की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा। शिक्षा विद्यार्थियों का अधिकार है, कृपा नहीं।
सीडीएलयू की प्रवेश अधिसूचना से एलएलएम गायब, विद्यार्थियों का भविष्य अधर में! उदय संस्था ने उठाए गंभीर सवाल
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