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श्री श्याम बाबा जी का 351 फूट लम्बा निशान लेकर बीड़ बबरान धाम तक भव्य यात्रा निकाली गई

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बीर बर्बरीक श्री श्याम बाबा ने अपने एक बाण से पीपल के वृक्ष के एक-एक पते के बींध डाला था, वह पीपल का वृक्ष आज भी बीड़ बबरान में मौजूद है- बजरंग गर्ग

बीड़ बबरान जहां भगवान श्री कृष्ण जी ने बर्बरीक श्री श्याम बाबा जी की परीक्षा ली थी- बजरंग गर्ग

हिसार- बीड़ बबरान धाम श्री श्याम मन्दिर ट्रस्ट द्वारा 52 वां उत्सव भव्य निशान यात्रा महाराजा अग्रसेन भवन से बीड़ बबरान धाम तक निकाली गई। इस निशान यात्रा में मुख्य अतिथि हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व हरियाणा कांन्फैड के पूर्व चेयरमैन बजरंग गर्ग, पूर्व मेयर श्रीमती शकुंतला राजलीवाला, अनाज मण्डी के प्रधान राम अवतार गोयल, प्रमुख समाजसेवी कृष्ण ऐरन, नरेश गर्ग, अनिल जैन टीनू थे। इस निशान यात्रा में हजारों भक्तों ने भाग लिया। इस समारोह में मुख्य अतिथि हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने भव्य निशान यात्रा में पूजा-पाठ करने के उपरांत सम्बोधित करते हुए कहा कि सात दिवसीय 52 वां श्री श्याम उत्सव बबरान नरेश प्रकटोतसव में हजारों धर्मप्रेमी ने भाग लिया और 351 फूट लम्बा निशान लेकर बीड़ बबरान धाम तक भव्य यात्रा निकाली गई। श्री बीड़ बबरान धाम में जनता के सहयोग से निर्माण कार्य चल रहा है। देश के कौने-कौने से धर्मप्रेमी बीड़ बबरान में पूजा-पाठ करने आते है। बजरंग गर्ग ने कहा कि बीड़ बबरान जहां भगवान श्री कृष्ण जी ने बर्बरीक श्री श्याम बाबा जी की परीक्षा ली थी। बीर बर्बरीक श्री श्याम बाबा ने अपने एक बाण से पीपल के वृक्ष के एक-एक पते के बींध डाला था। वह पीपल का वृक्ष आज भी बीड़ बबरान में मौजूद है।
फाल्गुन मेले में निशान यात्रा का भी बहुत बड़ा महत्व है। निशान यात्रा एक तरह की पदयात्रा होती है जिसमे भक्त अपने हाथो में श्री श्याम ध्वज हाथ में उठाकर श्याम बाबा को चढाने खाटू श्याम जी मंदिर तक आते है। इसी श्री श्याम ध्वज को निशान कहा जाता है।
इस यात्रा के अंतर्गत भक्त अपनी श्रद्धा से अपने-अपने घर से भी शुरू करते हैं। ऐसा माना जाता है कि पैदल निशान यात्रा करके श्याम बाबा को निशान चढाने से बाबा शीघ्र ही प्रसन्न होते हैं और भक्त की मनोकामना को पूर्ण करते हैं।
बजरंग गर्ग ने कहा कि सनातन संस्कृति में ध्वज को विजय का प्रतीक माना जाता है। श्री श्याम बाबा के महाबलिदान शीश दान के लिए उन्हें निशान चढ़ाया जाता है। जिसमे उन्होंने धर्म की जीत के लिए दान में अपना शीश ही भगवान श्री कृष्ण को दे दिया था। केसरी, नीला, सफेद, लाल रंग का झंडा/ध्वज होता है। इन ध्वजाओं पर श्याम बाबा और भगवान श्री कृष्ण के जयकारे और दर्शन के फोटो होते है। कुछ निशानों पर नारियल एवं मोरपंखी भी लगी होती है। इसके सिरे पर एक रस्सी बंधी होती है जिससे यह निशान हवा में लहराता है। महंत महाराज नवीन शर्मा ने पूजा-पाठ करवाई। इस अवसर पर महंत महाराज श्री विनय शर्मा, लक्ष्मी बंसल आदमपुरिया, प्रधान शिव कुमार सिंगल, राम शरण सिंगल, अनाज मंडी प्रधान राम अवतार गोयल, संजय सिंगल, मनीष बंसल, करण गर्ग, धर्मेन्द्र मलिक, राहुल गर्ग, मोहित अग्रवाल अजीतपुरिया, संजय सिसाईया, ऋषभ बंसल, जोनी गोयल, मुकुद बूथरा, भारत सोनी आदि भारी संख्या में श्याम भक्त मौजूद थे।

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