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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नेहरू कॉलेज ऑफ एजुकेशन में बहुविषयक राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसका विषय था,’ वीमेन एज इन्नोवेटरस शेपिंग दा फ्यूचर विद क्रिएटिविटी’ इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा, अधिकारों और समाज में उनकी भूमिका पर विचार-विमर्श करना था। सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय से डॉ. रंजीत कौर को रिसोर्स पर्सन के रूप में आमंत्रित किया गया, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ़ पंजाब घुद्दा (बठिंडा) से डॉक्टर शमशेर सिंह ढिल्लों ने भी अपने सारगर्भित विचारों से कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक बनाया।
डॉ. रंजीत कौर ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं की शिक्षा और आत्मनिर्भरता किसी भी देश की प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने महिलाओं को केवल शिक्षा तक सीमित न रखते हुए उन्हें तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकें।
मुख्य वक्ता ने महिलाओं के अधिकारों, कानूनी पहलुओं और वर्तमान सामाजिक परिदृश्य में उनकी स्थिति पर गहराई से चर्चा की। उन्होंने बताया कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में सफलता की ऊंचाइयों को छू रही हैं, लेकिन उन्हें अब भी कई सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने समाज में जागरूकता लाने और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग करने की आवश्यकता पर बल दिया इस संगोष्ठी में कॉलेज के विद्यार्थियों, शिक्षकों और गणमान्य अतिथियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कई विद्यार्थियों ने महिलाओं से जुड़े विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए और महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मानित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर कॉलेज के निर्देशक श्री विजयंत शर्मा ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। श्री विजयंत शर्मा जी ने कहा कि इस तरह के आयोजन केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि पूरे वर्ष महिलाओं के विकास और उत्थान से जुड़े प्रयासों को निरंतर जारी रखना चाहिए।
महिला दिवस पर आयोजित इस सेमिनार ने सभी उपस्थित लोगों को जागरूक करने और महिला सशक्तिकरण के प्रति उनकी सोच को और मजबूत करने का कार्य किया। इस अवसर पर कॉलेज का टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ उपस्थित रहा।
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