सिरसा। प्रभु रामलाल नर सेवा नारायण सेवा योग ट्रस्ट हुडा सिरसा भवन नंबर-2266 सेक्टर-20, पार्ट-3 में योग गुरु रघुबीर महाराज ने होली पर्व के पावन उत्सव पर उपस्थित सत्संग प्रेमियों को अपने सम्बोधन में फरमाया कि होली रंगों का त्योहार है, खुशी का त्योहार है। कुछ लोग रंगों द्वारा होती खेलते हैं कुछ तो फूलों की होती खेलते हैं, कुछ लोग तिलक होली खेलते हैं, दास सदैव जब से मुझे ज्ञान हुआ है, तब से सत्संग होली खेलता है। धर्म से प्रेम से एक दूसरे को रंग लगाते रहो, मन से प्रभु का नाम लेते रहो। यह है सत्संग होली। यह पावन त्योहार सत्य की असत्य पर, धर्म की अधर्म पर जीत का पावन त्योहार है। रघुवीर महाराज ने आगे फरमाया कि होली आई-होली आई, भक्त प्रहलाद की याद आई। रघुबीर जिसने होलिका जला, सत्य की जीत दिखाई। हिरणाकश प्रहलाद का पिता प्रहलाद को हर हालत में मारना चाहता है, क्योंकि प्रहलाद हिरणाकशा का कहना नहीं मानता। वह प्रहलाद को होलिका की गोदी में बिठा अग्नि में बिठा देते हैं, क्योकि होलिका का अग्नि मंत्र सिद्ध था। अग्रि उसको जला नहीं सकती थी। ईश्वर कृपा से हुआ उल्ट, होलिका जलकर राख हो गई, बालक प्रहलाद का बाल भी बांका न हुआ। आदि से अब तक का नियम है, भगवान अपने भक्तों की सदैव रक्षा करता है। होली जरूर मनायें, पर प्रभु को कभी न भुलायें। यही है सत्संग होली। जैसेकृष्ण भगवान ने अर्जुन से कहा कि तुम युद्ध भी लड़ो और मेरा ध्यान भी करो। इस प्रकार तुम मुझे ही प्राप्त करोगे। इस पवित्र मौके पर शक्ति चावला, यश चावला योगाचार्य, रामस्वरूप मेहता, पृथ्वी सिंह बैनीवाल, जितेंन्द्र चावला, लक्ष्य, अयान चावला, रोहताश, अंकिता, शगनजीत, आरशीय, संगीता, गौरी आदि मौजूद थे।
होली जरूर मनाएं प्रभु को न भुलाएं
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