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बैसाखी मात्र फसलों की कटाई का नहीं, बल्कि खालसा पंथ से जुड़ा त्योहार है: पुष्पांजली जांगड़ा

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सांस्कृतिक कार्यक्रमों से विद्यार्थियों व स्टाफ ने बांधा समां
सिरसा। विकास हाई स्कूल में महावीर जयंती, बैसाखी व अंबेडकर जयंती को लेकर सामुहिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के आरंभ में सौरभ सोनी ने भगवान महावीर का जीवन परिचय देते हुए समाज में कुरीतियों के विरूद्ध उनके योगदान पर चर्चा की। 24वें तीर्थकर महावीर का अहिंसा व्रत महात्मा गांधी ने भी अपनाया। इस मौके पर पुष्पांजलि जांगड़ा ने बैसाखी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बैसाखी मात्र फसलों की कटाई का त्योहार नहीं है, अपितु खालसा पंथ की स्थापना से जुड़ा त्योहार है। मोनिका बामनियां ने बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर के जीवन पर प्रकाश डालते हुए विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि बाबा साहेब का जीवन दलित वर्ग के उत्थान को समर्पित था। उनके 100वें जन्मदिवस पर उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। ऋगवेद हाऊस की ओर से मीनल, विधि, दिव्यांशी, अनन्या व आरोही ने नृत्य की प्रस्तुति दी। स्कूल के सामवेद हाऊस से लीना, हर्ष जांगड़ा, ओजस्वी, आरूशी, नूर, समायरा, जागृत, रागिनी व सनाया ने भांगड़े की जोरदार प्रस्तुति से वाहवाही लूटी। अथर्ववेद हाऊस से आशीश, मिशिला, काशवी, रागिनी, डिंपल, हरली, पिहु, कनिका ने पंजाबी पॉप सांग पर शानदार नृत्य पेश किया। यजुर्वेदा हाऊस से डैसी, भूमि, संध्या, काव्या, भाविका, नूतन, पलक, सना, जया, नंदिनी, आकांशी, नियति, नव्या, पल्लवी, करिश्मा, सांची व नीलिमा ने शानदार गिद्दा प्रस्तुत कर उपस्थिति को झूमने पर मजबूर कर दिया। अंत में टीचर्स की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में समा बांध दिया। मंच संचालन रीमू शर्मा ने किया। कार्यक्रम की सफलता में को-ओर्डिनेटर अलका बजाज का भरपूर सहयोग रहा। अभिभावकों व विद्यार्थियों ने कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया। अंत में प्राचार्या सीमा वत्स ने सभी का आभार व्यक्त किया व सभी को बैसाखी, महावीर जयंती व अंबेडकर जयंती की बधाई दी।

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