सांसद सुविधा केंद्र के कर्मचारी को प्रताडि़त करने को लेकर अधिकारी को सुनाई खरी-खरी
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने बुधवार को पंचायत भवन में दिशा की बैठक लेते हुए अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई। विकास कार्यो गंभीरता से नहीं लिया जाता जबकि जनहित के मुद्दों पर अधिक ध्यान देना चाहिए। शहीद भगत सिंह स्टेडियम परिसर में सांसद सुविधा केंद्र के कर्मचारी को तीन माह वेतन न देने और उसे बेवजह एडीसी कार्यालय में बुलाकर काम लेने पर सांसद ने अधिकारियों को खूब खरी खरी सुनाई साथ ही हिदायत दी कि आगे से ऐसा नहीं होना चाहिए।
इस बैठक में उपायुक्त शांतनु शर्मा, विधायक भरत सिंह बैनीवाल, विधायक शीशपाल केहरवाला आदि मौजूद थे। कुमारी सैलजा ने सिरसा में चतरगढ़पट्टी फाटक के पास रेलवे ओवर ब्रिज, कोर्ट रोड और कंगनपुर रोड पर अंडर ब्रिज बनाए जाने को लेकर क्या प्रगति है, कब तक निर्माण कार्य शुरू होगा और किस कारण से देरी हो रही है को लेकर सवाल किये। सिरसा में वाशिंग लाइन बनाने को लेकर क्या प्रगति है जबकि सिरसा स्टेशन के पास रेलवे की पर्याप्त भूमि है, यहां पर वाशिंग लाइन बनने से लंबी दूरी की अनेक ट्रेनों का सिरसा तक संचालन हो सकेगा। सिरसा-भादरा के बीच नई रेल डाली जा सकती है इस लाइन के डालने पर नोर्थ और साऊथ के बीच सीधा कोरिडोर बन जाएगा, इस क्षेत्र की जनता के लिए यह लाइन जरूरी है। इसे लेकर रेल मंत्रालय केा लिखा गया है क्या। सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि सिरसा जिला के गांव बाजेकां, खैरेकां और बुर्जभंगू के पास रेलवे लाइन पर अंडर ब्रिज बनाए जा सकते है जो बहुत जरूरी है क्योंकि लोगों का लाइन के आर-पार जाना आसान हो जाएगा। डबवाली और हिसार के बीच नेशनल हाइवे-9 की मरम्मत जरूरी है खासकर उन स्थानों पर जहां पर दुर्घटना संभावित क्षेत्र है, गांव साहुवाला प्रथम तो हाइवे के दोनों ओर बसा हुआ है वहां पर आए दिन हादसे होते रहते है और अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है वहां पर ओवर ब्रिज या अंडर ब्रिज बनाया जा सकता है इसके साथ ही सुरक्षा जाली और सर्विस लेन बनाई जाए और स्ट्रीट लाइट का उचित प्रबंध किया जाए।
हिसार और डबवाली के बीच सड़क किनारे 61 करोड़ रुपये की लागत से 41 किलो मीटर नाले बनाए गए है जो बंद पड़े है या बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके है, उनकी मरम्मत करवाई जाए। सिरसा और फतेहाबाद शहर की एंट्री पर संकेतक लगाए जाए क्योंकि वहां पर कोई भी संकेतक न होने पर वाहन चालक गलत दिशा में चले जाते है, इस मार्ग पर आने वाले नए लोगों को काफी परेशानी होती है, जिस प्रकार हिसार शहर की एंट्री पर व्यवस्था की गई है ठीक वैसे ही सिरसा और फतेहाबाद की एंट्री पर भी की जाए। हिसार-डबवाली राजमार्ग पर जहां पर भी बड़े गांव आते है वहां पर ओवर ब्रिज या अंडर ब्रिज बनाए जाए खासकर डिंग, ओढां और चोरमार में इसकी बहुत जरूरत है।
सांसद सैलजा ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बैंक किसानों के खाते से प्रीमियम की राशि काट लेते है पर उन्हें पता नहीं होता कि किस किस फसल का बीमा किया है, ऐसे में किसानों को फसल बीमा की पॉलिसी भी उपलब्ध करवाई जाए। जब किसान अपनी फसल के बीमा के लिए प्रीमियम जमा कराता है तो व्यक्तिगत बीमा का लाभ दिया जाए, पूरे गांव में हुए नुकसान के आधार पर उसे मुआवजा से वंचित न किया जाए, किसान का जितना नुकसान हुआ है उसका आंकलन कर मुआवजा राशि निर्धारित की जाए। घग्घर नदी के किनारे बसे गांव के किसान फसलों की सिंचाई के लिए नदी से पानी उठाते है, पर उन्हें पानी उठाने से रोका जाता है क्या किसानों को नदी से पानी उठाने की अनुमति होती है या नहीं अगर नहीं होती तो उन्हें अनुमति दी जाए क्योंकि वह पानी का सदुपयोग कर सकता है वर्ना तो नदी का पानी व्यर्थ ही जाएगा। गांवों में सड़को की स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है, कही तो पता ही नही चलता कि सड़क है भी या नहीं, सबसे पहले सड़को की मरम्मत करवाई जाए और जो सड़क बुरी तरह से टूट चुकी है उनका पुननिर्माण करवाया जाए। इसके साथ ही जहां पर नहरों के पुल बने हुए है वहां पुल के दोनो ओर सुरक्षा दीवार बनवाई जाए और संकेतक भी लगाए जाए।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि बिजली निगम ने सभी मीटर घरों के बाहर लगा दिए है, घर के बाहर लगे मीटर की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निगम की होनी चाहिए क्योंकि मीटर खराब होने या टूटने पर उसका पैसा उपभोक्ता से लिया जाता है जो अनुचित है। इसके साथ ही खेतो में लगे ट्रांसफार्मर खराब होने पर उसके ठीक करने का पैसा भी किसान से वसूला जाता है वह भी गलत है। किसानों से बिजली बिल की वसूली हर माह न करके छह माह बाद किया जाए क्योंकि छह माह बाद ही किसान की फसल तैयार होती है, फसल बेचकर वह बिजली बिल जमा कर सकेगा। इसके साथ ही ढीली तारों की वजह से फसलों में लगने वाली आग से होने वाले नुकसान की भरपाई भी सरकार को ही करनी चाहिए। सिरसा के सरकारी अस्पतालों में क्या कैंसर रोग के उपचार की सुविधा है या नहीं अगर नहीं है तो उपचार और जांच की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए क्योंकि इस क्षेत्र में कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग से कैंसर रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
सांसद ने कहा कि सिरसा जिला के सरकारी अस्पतालों में डाक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ की कितनी कमी है, रिक्त पदों को भरने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे है, लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जल्द जल्द से पदों को भरा जाए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रो की स्थिति काफी दयनीय है, स्टाफ नहीं है, डॉक्टर नहीं है दवाएं नही है ये केंद्र केवल रेफर सेंटर बनकर रह गए है, इस दिशा में जल्द से जल्द ध्यान दिया जाए। जब भी स्कूलों में दाखिले शुरू होते है तो प्राइवेट स्कूलों में लूट खसोट बढ़ जाती है, अध्यापकों को बताई गई दुकानों से किताब, कॉपी और वर्दी खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है जहां पर मनमाने दाम वसूले जाती है, सरकार केवल फरमान जारी करती है पर आज तक किसी भी स्कूल संचालक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। इस ओर सख्त कदम उठाने की जरूरत है। नया शिक्षण सत्र शुरू हो चुका है, बच्चे दाखिले ले चुके है और शिक्षण कार्य तक शुरू हो चुका है पर सरकारी स्कूलों में अभी तक पुस्तकें नहीं पहुंची है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है, शहरों में हालात ज्यादा खराब है, जगह जगह लगे गंदगी के ढेर साफ बता रहे है कि साफ सफाई पर कितना ध्यान दिया जा रहा है, सफाईकर्मियोंं की कमी बताकर प्रशासन अपने जिम्मेदार से पल्ला नहीं झाड़ सकता। गलियों में कई कई दिन बाद सफाईकर्मी पहुंच रहे है।



