बच्चे के संपूर्ण विकास के लिए माता-पिता के समर्थन की आवश्यकता
सिरसा। माता-पिता घर पर शिक्षक होते हैं और शिक्षक स्कूल में माता-पिता होते हैं। बच्चा हमारी दुनिया का केंद्र होता है। उक्त बातें द सिरसा स्कूल की निदेशिका व प्रिंसीपल मनीषा गोदारा ने स्कूल की जूनियर विंग में आयोजित अभिभावक-अभिविन्यास कार्यक्रम, अपने बच्चे की शैक्षणिक यात्रा में माता-पिता की भूमिका के दौरान बतौर मुख्यातिथि कही। मनीषा गोदारा ने कहा कि यह एक संवादात्मक और आकर्षक सत्र था, जिसने एक मजबूत अभिभावक-विद्यालय साझेदारी की नींव रखी। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक और व्यक्तिगत रूप से बच्चे के पूर्ण विकास के लिए माता-पिता के समर्थन की अपार आवश्यकता है। उन्होंने बच्चे की ताकत, कमजोरियों और सीखने की शैलियों की सांझा समझ के लिए अभिभावक-शिक्षक सहयोग पर भी जोर दिया। सत्र का नेतृत्व गीता गेरा रिसोर्स पर्सन (नेक्स्ट एजुकेशन) ने किया, जिन्हें एक शिक्षक के रूप में 35 वर्षों का व्यापक अनुभव है। सत्र माता-पिता का मार्गदर्शन करने और उन्हें अपने बच्चे की सीखने की यात्रा में हितधारकों के रूप में स्पष्टता और आत्मविश्वास देने वाला जानकारीपूर्ण था।



