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मसीतां मर्डर मामला: मृतक की बहन ने एसपी से की मुलाकात

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मृतक की बहन ने एसपी से की मुलाकात, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
कहा, परिवार के किसी सदस्य के साथ हुई अप्रिय घटना तो पुलिस होगी जिम्मेदार
सिरसा। गांव मसीतां में 22 अप्रैल की रात्रि को जमीनी विवाद में हुई युवक हत्या के मामले में पुलिस द्वारा मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न करने को लेकर मृतक की बहन सतबीर कौर ने बुधवार को नवनियुक्त जिला पुलिस कप्तान डबवाली निकिता खट्टर से मुलाकात की और आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की। सतबीर कौर ने एसपी को बताया कि मुख्य आरोपी संजय कटारिया, कुलदीप उर्फ भाऊ व एक अन्य आरोपी खुले में घूम रहे हंै और परिवार के लोगों को जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में शक के आधार पर चार अन्य युवकों को तो हिरासत में ले लिया, लेकिन असल आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से उनका परिवार भय के साए में जीने को मजबूर है। जिस प्रकार से उसके भाई को मौत के घाट उतारा गया है, कहीं परिवार के अन्य सदस्य के साथ इस प्रकार की घटना न हो, इसके लिए पुलिस को तीनों आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजना चाहिए। सतबीर कौर ने पुलिस को चेताते हुए कहा कि अगर आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसके लिए पुलिस प्रशासन जिम्मेवार होगा।
ये था मामला:
मामले के अनुसार गुरसेवक के पिता लक्ष्मण सिंह निवासी मसीतां व उसके परिवार से करीब 15 साल पहले सांझे खाते में संजय कटारिया ने जमीन खरीदी दी थी। 2017 में लक्ष्मण की मौत हो गई। लक्ष्मण की मौत के बाद 2019 में जमीन गुरसेवक, उसके भाई व बहनों के नाम कर दी गई। वर्ष 2021-22 में संजय कटारिया ने तहसीलदार डबवाली से मिलकर तकसीम की आड़ में गुरसेवक की मलकीयत वाली जमीन, जो मुख्य रोड पर लगती थी, लक्ष्मण का फर्जी अंगूठा लगाकर जमीन धोखे से अपने नाम करवा ली, जबकि लक्ष्मण की मौत 2017 में हो चुकी थी और वह पढ़ा-लिखा होने के कारण हस्ताक्षर करता था। घटनाक्रम से पूर्व भी संजय कटारिया ने दो बार कुछ दबंग लोगों के साथ जमीन कब्जाने की कोशिश की और गुरसेवक को जान से मारने की धमकी दी थी। गुरसेवक व उसके परिवार की ओर से दोनों बार पुलिस को इस संबंधी शिकायत दी गई, लेकिन पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। जिसका खामियाजा गुरसेवक को अपनी जान गंवाकर भुगतना पड़ा। इतना ही नहीं 2023 में गांव में ही एक लडक़ी के साथ गांव के ही दो युवकों द्वारा जबरदस्ती का प्रयास किया गया था और इस मामले में गुरसेवक चश्मदीद था, जबकि कुलदीप उर्फ भाऊ जिसने हत्या की है, उसका लडक़ी के मामले से कोई लेना देना नहीं था। इस हत्याकांड में मुख्य साजिशकर्ता संजय कटारिया व उसका परिवार था, जोकि गुरसेवक की जमीन को कब्जाना चाहता था, लेकिन पुलिस लडक़ी वाले मामले की आड़ लेकर संजय कटारिया व उसके परिवार को इस मामले से बचाने में जुटी हुई है।

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