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विश्विद्यालय प्रशासन ने सभी मांगों को बताया छात्र हितैषी और मांगे पूरी करने के आश्वासन दिया ।
आज गुरु जंभेश्वर विश्वविधालय में काफी लंबे समय से छात्र संगठनों और विश्विद्यालय प्रशासन के बीच छात्रों की मांगो को लेकर काफी तनाव चल रहा था जिसके चलते विश्वविद्यालय के सभी छात्र संगठन धरने पर थे ।
आज विश्विद्यालय प्रशासन के साथ हुई वार्ता में कुलपति द्वारा गठित कमेटी में सभी मांगों पर चर्चा हुई और निम्नलिखित सभी मांगों को कमेटी के छात्र हित में बताया व सभी मांगों को 1 सप्ताह के भीतर पूरा कर दिया जाएगा।
यह छात्र संगठन विशेष रूप से मौजूद रहे है
छात्र संगठन जैसे KSO, PSF, DASFI, NSUI, DSC studebts org. ,psso और khas group शामिल हैं) के द्वारा विश्वविद्यालय में छात्र- छात्राओं की समस्याओं के समाधान हेतु यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर विरोध प्रदर्शन किया गया था
यह मांगे है जो पूरी हुई है
1.विश्विद्यालय द्वारा जारी निर्देश के अनुसार विश्विद्यालय में कोई भी छात्र चारपहिया वाहन के साथ एंट्री नहीं कर सकता यह एक तुगलकी फरमान है जो बर्दास्त नहीं किया जाएगा इसे तुरंत प्रभाव से वापिस लिया जाए।
2.महिला एवं पुरुष छात्रावास को परीक्षा होने के बाद खाली न करवाया जाए क्योंकि परीक्षा के बाद बचे हुए समय का सदुपयोग करते हुए छात्र और छात्राएं हॉस्टल में रह कर किसी भी प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करते है जो कि घर बैठ कर यह समय व्यर्थ बर्बाद होता है इस लिए किसी भी छात्र छात्राओं से हॉस्टल खाली न करवाए जाए ।
3.महिला छात्रावास एवं पुरुष छात्रावास में विश्विद्यालय की तरफ से अपने खर्चे पर कूलर की व्यवस्था करवाई जाए ताकि तपती गर्मी में लूह लगने से बच्चे बीमार न हो ओर साथ ही किसी भी तरह का कोई अतिरिक्त शुल्क न लिया जाए क्योंकि विश्विद्यालय प्रशासन द्वारा पहले ही होस्टल फीस के साथ साथ विभिन्न कोर्सों की फीस प्राइवेट शिक्षण संस्थानों से ज्यादा है ।
4.सुरक्षा कर्मियों द्वारा छात्रों के साथ बढ़ रही बद्तमीज़ी को सुधार जाए और बाहर से आने वाले शरारती तत्वों पर रोक लगाई जाए जो कि सुरक्षा कर्मियों की मिलीभगत से अंदर घुसते है।
5.विश्विद्यालय के होस्टल मेस के खाने की गुणवत्ता अच्छी न होने के कारण महिला छात्रावास में बाहर से आने ऑनलाइन ऑडर किए हुए खाने को रात्रि 11 बजे तक अलाउड किया जाए।
7.महिला छात्रावास में हर हॉस्टल में नाइट अटेंडेंट्स के द्वारा छात्राओं के साथ बदसलूकी की जाती है आए दिन किसी न किसी छात्रा को बेवजह धमकाया जाता है और आवाज उठाने पर हॉस्टल से बाहर निकालने की धमकी दी जाती है ऐसी शिकायतों का निपटारा करने के लिए शिकायत बॉक्स रखे जाए और महिला संबंधित शिकायतों के लिए अलग से ऊंच अधिकारियों की समिति बनाई जाए और शिकायतों का निपटारा किया जाए। गर्ल हॉस्टल कैंपस अंदर से 24*7 खोला जाए रात्रि में ड्यूटी करने वाली सुरक्षा कर्मी ओर केयर टेकर को हॉस्टल के गेट के बाहर बैठाया जाए ताकि 24 घंटे निगरानी हो सके ।
8.ओड इवेन परीक्षा प्रणाली को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए।
9.विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा नए कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। लेकिन छात्रों के लिए न तो पर्याप्त क्लासरूम है और न ही पर्याप्त हॉस्टल रूम है। इसलिए नए कोर्स शुरू करने से पहले क्लास रूम की व्यवस्था सुनिश्चित करें। साथ ही जितनी सीटिंग कैपेसिटी हैं उसे ज्यादा बच्चे रखने पर हॉस्टल फीस को उसमें विभाजित करके लिया जाए अगर रूम में 3 की सीटिंग है ओर 5 बच्चे है तो 3 की ही फीस भरवाई जाए।
10.लाइब्रेरी के रीडिंग हॉल में छात्रों के बैठने की उचित व्यवस्था नहीं है न ही प्रयाप्त चेयर है , न ही बैठने के लिए जगह है और पर्दे न लगे होने के कारण गर्मी रहती है साथ ही AC की संख्या भी बढ़ाई जाए। लाइब्रेरी 24*7 ओपन की जाए ।
11.रिजल्ट ब्रांच के बाहर लगे गेट को हर समय खोला जाए क्योंकि छात्रों को 2 मिनिट के काम के लिए 2 दिन तक इंतजार करना पड़ता है ।
12.परीक्षाओं की तिथि को आगे बढ़ाया जाए क्योंकि अभी तक बहुत से विभागों का सिलेबस पूरा नहीं हुआ है कुछ विभागों के तो माइनर टेस्ट भी अभी बाकी है साथ ही गर्मियों की छुटियां भी एक सप्ताह से ज्यादा न कि जाए जल्द कक्षाएं शुरू कर पढ़ाई सुचारू रूप से जारी रखी जाए।
13. Phd के शोधार्थियों के लिए रेजिडेंशियल क्राइटेरिया हटाया जाए क्योंकि इंजीनियरिंग और फिजियोथेरफी जैसे विभागों में NET/JRF कि परीक्षा नहीं होने के कारण इनको कोई स्कॉलरशिप नहीं मिलती ऐसे शोधार्थियों के लिए URS हर हालत में दी जाए । कोर्स वर्क के बाद शोधार्थियों की हाजरी सुनिश्चित न कि जाए । (UGC के नियमानुसार)
14.नाम कट जाने पर 1500, पहचान पत्र गुम होने पर 500 ओर तमाम तरह की फीस घटा कर वापिस 100 रुपए की जाए।
15.सभी विभागों द्वारा छात्रों के क्लास में न आने पर उनके घर ओर हॉस्टल में नोटिस भेजे जाते आर्थिक दंड न दिया जाए।
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