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तंबाकू एक नशा नहीं, बल्कि धीमा जहर है

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सिरसा। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर भगत सिंह फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष रेनू कादयान ने हरियाणा के युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि तंबाकू केवल एक नशा नहीं, बल्कि एक धीमा जहर है, जो शरीर को भीतर से खोखला कर देता है और युवा पीढ़ी के भविष्य को अंधकार में धकेलता है। उन्होंने कहा कि जिस हरियाणा की धरती ने देश को सैनिक, खिलाड़ी और वैज्ञानिक दिए हैं, वहां तंबाकू जैसे नशे का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। यह दिन सिर्फ  जागरूकता का नहीं, बल्कि आत्म-संकल्प का दिन है। रेनू कादयान ने युवाओं से अपील की कि वे तंबाकू से दूरी बनाएं और नशे से मुक्त हरियाणा के निर्माण में भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि आज अगर एक युवा तंबाकू छोडऩे का प्रण लेता है, तो न केवल वह खुद को बचाता है बल्कि अपने पूरे परिवार को भी तिल-तिल कर टूटने से रोकता है। भगत सिंह फाउंडेशन द्वारा हरियाणा के सभी जिलों में समय-समय पर नशा मुक्ति अभियान, जागरूकता रैलियां और युवाओं के लिए प्रेरक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन अभियानों में युवाओं की भागीदारी यह सिद्ध करती है कि हरियाणा की नई पीढ़ी नशे के खिलाफ  खड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि तंबाकू से होने वाली बीमारियां न केवल व्यक्ति को शारीरिक रूप से कमजोर करती हैं, बल्कि आर्थिक रूप से भी एक पूरे परिवार पर बोझ डाल देती हैं। इसलिए इस बुराई को जड़ से मिटाना समय की मांग है। रेनू कादयान ने अंत में कहा कि यह लड़ाई अकेले की नहीं, पूरे समाज की है। आज हर युवा को यह प्रण लेना चाहिए कि वह नशे से दूर रहेगा और दूसरों को भी इससे बचाने का प्रयास करेगा। यही सच्ची देशभक्ति और समाजसेवा है।

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