मसीतां हत्याकांड
सबूतों के साथ दोबारा डीजीपी से मिलेगा पीडि़त परिवार
संजय कटारिया की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को दिया दस दिन का अल्टीमेटम
सिरसा। गांव मसीतां में हुए गुरसेवक हत्याकांड में पुलिस द्वारा की जा रही लचीली कार्रवाई के विरोध में मृतक के परिजनों ने सोमवार को डबवाली एसपी कार्यालय में सांकेतिक धरना दिया। मृतक गुरसेवक की बहन सतबीर कौर ने इस मामले के मुख्य साजिशकर्ता व आरोपी संजय कटारिया को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को दस दिनों का समय दिया है। अगर पुलिस दस दिनों में संजय कटारिया को गिरफ्तार नहीं करती है तो परिजनों को मजबूरन आगामी आंदोलन की रणनीति बनानी पड़ेगी, जिसके लिए पुलिस प्रशासन जिम्मेवार होगा।
धरने पर बैठी मृतक गुरसेवक की बहन सतबीर कौर ने बताया कि संजय कटारिया एक ट्रांसपोर्ट कंपनी चलाता है, जिसकी अनेक बार शिकायतें भी हो चुकी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सब शून्य है। उसने बताया कि इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता व आरोपी संजय कटारिया ही है। कुलदीप भाऊ, अर्श बराड़, लवली, कटारिया का लडक़ा सन्नी, मणी की रोजान पार्क में मुलाकात होती थी। ये सभी संजय कटारिया के फार्म हाऊस पर रोजाना बैठते थे। सतबीर कौर ने बताया कि वह इस मामले को लेकर आईजी व डीजीपी से भी मिल चुकी है और उन्होंने बड़े अच्छे ढंग से हमारी बात को सुना, लेकिन मौजूदा डबवाली एसपी संजय कटारिया को बचाने में जुटी हुई है। उसने बताया कि वह जब भी पुलिस के पास जाती है और संजय कटारिया की गिरफ्तारी की बात करती है तो पुलिस का एक ही जवाब होता है कि पुलिस छापेमारी कर रही है। दो दिन पूर्व संजय कटारिया अपनी ट्रांसपोर्ट कंपनी में आया था और उसने पुलिस को बकायदा इस बारे सूचित किया, लेकिन पुलिस ने बजाय अपनी ड्यूटी निभाने के ट्रांसपोर्ट के कैमरे ही बंद करवा दिए, ताकि सीसीटीवी में कोई सुराग न आए। पीडि़ता ने कहा कि उसे डबवाली पुलिस से कोई उम्मीद नहीं है। अब तक की पुलिस की कार्यप्रणाली से नहीं लगता कि उसके भाई को इंसाफ मिलेगा। इसलिए वह दोबारा सबूतों के साथ डीजीपी से मिलेगी। वहीं मृतक की बहन ने गांव मौजगढ़ निवासी करणवीर सिंह उर्फ मानी की हत्या के मामले में दर्ज एफआईआर नंबर 524 की भी दोबारा से जांच करवाए जाने की मांग की। कटारिया ने मानी को 2024 में फोन कर गुरसेवक की हत्या के लिए कहा था, लेकिन मानी ने इससे इनकार कर दिया था। वहीं डबवाली पुलिस का कहना है कि पुलिस इस मामले की बारीकि से जांच कर रही है, इस मामले में कोई भी दोषी होगा, पुलिस से बचेगा नहीं। गौर हो कि बीती 22 अप्रैल को गांव मसीतां निवासी गुरसेवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसमें पुलिस ने संजय कटारिया सहित कुछ अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था।


