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शिक्षण संस्थानों में जागरूकता सेमिनार

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डबवाली पुलिस ने साइबर राहगीरी कार्यक्रम के तहत चौक चौराहों व शिक्षण संस्थानों में जागरूकता सेमिनार कर आमजन को साइबर अपराधों व उनसे बचने के तरीकों बारे में कराया अवगत*

डबवाली 04 जून । डबवाली पुलिस द्वारा साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के साथ-साथ आमजन को साइबर अपराधों के बारे में अहम जानकारी भी प्रदान कर रही है । जिसके तहत समय-समय पर हर गांव, शहर के चौक चौराहों व शिक्षण संस्थानों में जागरूकता सेमिनार कर उन्हें आजकल के तकनीकी दौर में नए –नए तरीकों से की जा रही साइबर धोखाधड़ी व उससे बचने के तरीकों के बारे में जानकारी दी जा रही है । पुलिस महानिदेशक के निर्देशानुसार प्रत्येक महीने के प्रथम बुधवार को साइबर जागरूकता दिवस मनाया जाता है । जिसमें साइबर अपराधों से सतर्क व सावधान रहने बारे जागरूक किया जा रहा है । इसी अभियान के मद्देनजर आज PSI सुखचैन थाना सदर ने गांव गोरीवाला में आईसीएस कोचिंग सेंटर में छात्र छात्राओं व गांव मौजगढ़ में ग्रामीणों को साइबर अपराधों से अवगत करवाया गया । इसी तरह PSI अजीत थाना शहर ने बस स्टेंड डबवाली पर लोगों को साइबर धोखाधड़ी से  बचने के टिप्स दिए गए । जागरुकता अभियान के दौरान छात्र-छात्राओं ने साइबर अपराधों के बारे में सवाल पूछे व पुलिस टीम द्वारा उन्हें उनके सवालों से जुड़ी जानकारी दी गई ।

            साइबर अपराधों के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस टीमों ने बताया कि साइबर अपराधों को रोकने में सरकार, प्रशासन ही नहीं उपभोक्ता की भी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है । ऐसे हमलों को रोकने में उपभोक्ताओं की सजगता और सतर्कता की बहुत बड़ी भूमिका होती है । साइबर अटैक से बचाव के लिए आवश्यक है कि उपभोक्ता, फोरम, वेबसाइट पर अपनी संवेदनशील जानकारी ईमेल आईडी, पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड की डिटेल शेयर न करें । अपना पासवर्ड मजबूत रखें, कोई भी लिंक क्लिक करने से पहले देखें कि वह वेबसाईट ठीक है या नहीं । उन्होंने कहा कि सिस्टम की सुरक्षा के लिए अपने सिस्टम को अपडेट करते रहें और भरोसेमंद सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें । उन्होंने बताया कि स्पैम मैसेज को खोलने से बचें और ओपन वाईफाई का इस्तेमाल न करें । साथ ही एक ही वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क का प्रयोग करें । आप एक सुरक्षित नेटवर्क से जुडकर सावधानी और सजगता बरतकर साइबर हमले अथवा अपराध की गिरफ्त में आने से बच सकते हैं । इसी कड़ी में साइबर अपराधों से निपटने के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नम्बर 1930 शुरू किया गया है । उन्होंने बताया कि अटैकर्स कमजोर सिस्टम पर हमला करने और उस पर नियंत्रण करने के लिए मैलिसस कोड का सहारा लेते हैं । साइबर सिक्योरिटी पर अटैक अनेक प्रकार से किए जा सकते हैं । इसके लिए मैलवेयर, फिशिंग अटैक, डिनायल ऑफ सर्विस, मेन इन द मिडल के माध्यम से किया जा सकता है । इसको सिस्टम को हैक करने, क्रिप्टो करेंसी के रूप में पैसे की मांग के लिए या फिर डार्क वेब पर डेटा बेचने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है । इस तरह के हमलों में संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण जानकारी जो उपयोगकर्ता की वेबसाइट पर उपलब्ध है, उसे बिना किसी वेबसाइट या यूजर्स के ज्ञान के हैक कर लिया जा सकता है । यदि आप इंटरनेट का उपयोग बैंकिंग से जुड़ी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए करते हैं, तो आपको अपने डिवाइस में साइबर सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए एंटी वायरस को जरूर इंस्टॉल करना चाहिए । एक अच्छा एंटी वायरस आपको मैलवेयर और डाटा सिक्योरिटी बीच के खतरे से बचाने का काम करता है । उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि इस बात का अवश्य ध्यान रखें कि बैंक कभी भी आपसे एटीएम कार्ड नम्बर, सी.वी.वी., यू.पी.आई., ओ.टी.पी. तथा पिन आदि की मांग नहीं करता है । किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर राष्ट्रीय हेल्पलाइन न. 1930 पर अपनी  शिकायत दर्ज कराएं और अपने नजदीकी थाना में साइबर हेल्प डेस्क पर अपनी शिकायत दें । डबवाली पुलिस आपकी सहायता के लिए  सदैव तत्पर है ।

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