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थाना कालांवाली व साइबर सैल का साइबर ठगों पर कड़ा प्रहार

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फर्जी वर्क वीजा एजेंसी का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य सरगना सहित दो आरोपियों को किया काबू

आरोपियों के कब्जे से सिम सहित 09 मोबाइल फोन, एक लेप्टाप,26 वीजा कार्ड, भारत व नेपाल के 22 पासपोर्ट, दो जाली स्टॉम्प, चेक बुक, ब्राडबैंड क्नेक्शन व 22,000 नगद राशि की बरामद

। डबवाली पुलिस द्वारा साइबर अपराधों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है । जिसके तहत साइबर अपराधियों पर कमरतोड़ कार्रवाई की जा रही है । साइबर अपराधों के बारे में जागरूकता अभियानों के दौरान  व पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी की जा रही एडवाइजरी में आमजन को साइबर अपराधियों के पैंतरों से बचने व जागरूकता व सतर्कता से काम लेते हुए सुरक्षित तरीके से सोशल मीडिया व अन्य वेबसाइटों के उपयोग बारे जानकारी दी जा रही है । फिर भी साइबर ठग भोले भाले लोगों को अपनी चालबाजी व लालच के आधार पर शिकार बनाया जा रहा है । डबवाली पुलिस इन्ही साइबर ठगों पर लगाम लगाते हुए उन पर कड़ी कार्रवाई कर रही है । इसी अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए प्रभारी साईबर सुरक्षा शाखा नि. अनिल कुमार की टीम व थाना कालांवाली पुलिस ने एक फर्जी वर्क वीजा एजेंसी का भंडाफोड़ करते हुए इस फर्जीवाड़े के मुख्य सरगना सहित दो आरोपियों को काबू कर उनके कब्जे से 09 मोबाइल फोन, एक लेप्टाप, 26 वीजा कार्ड, भारत व नेपाल के 22 पासपोर्ट, 2 जाली स्टाम्प, आईडीबीआई बैंक की चेकबुक, ब्राडबेंड क्नेक्शन व 22,000 रुपये नगद राशि बरामद करने में कामयाबी हासिल की है । आरोपियो की पहचान मुख्य आरोपी साहबाज हुसैन उर्फ गोरंग उर्फ प्रजापित गोरंग पुत्र मोहम्द हुसैन उर्फ राजकुमार निवासी मिरा रोड महाराष्ट्र उर्फ झाउताला कोलकाता उर्फ जिला पाटन गुजरात हाल औफिस सूरत गुजरात व उसके साथी अजय कुमार पुत्र अमर सिंह निवासी संगम विहार दक्षिण दिल्ली के रूप में हुई है ।

इस मामले के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए उप नि. ताराचंद  व PSI सतपाल थाना कालांवाली ने बताया कि दिनांक 17.04.2025 को थाना कालांवाली में प्राप्त शिकायत में शिकायकर्ता निवासी कालांवाली ने बताया कि वह माल्टा देश मे होटल में काम करता है और 4 महीने की छुट्टी पर आया । जो करीब तीन माह पहले उसने माल्टा से फिनलैन्ड जाने के लिए WORK VISA फिनलैन्ड फेसबुक पर सर्च किया तो एक वाट्सएप नम्बर दिखाई दिया जिस पर उसने वाट्सएप काल की तो उन्होने वर्क वीजा लगवाने के लिए हां कर दी । जो वर्क वीजा लगवाने की एवज में उन्होने एक बैंक खाता संख्या वाट्सएप पर भेजी जिस पर शिकायकर्ता ने वीजा बनवाने के लिए बारी बारी से दो लाख तिरपन हजार रुपये भेज दिए । जब शिकायकर्ता ने वर्क वीजा लेने की बात कही तो उन्होने ना तो वर्क वीजा दिया ओर ना ही पैसे वापिस किए ।  जिस पर अभियोग दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई । जिसके लिए PSI सतपाल के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई थी जिसमें PSI गोपी राम, मुख्य सिपाही अशोक कुमार, सिपाही शिवकुमार व एसपीओ रायसिंह ने तत्परता व कड़ी मशक्त से कार्रवाई करते हुए साइबर सैल की सहायता से दो आरोपियों को उक्त सामान के साथ काबू करने में सफलता हासिल की है । आरोपियों साहबाज उर्फ गोरंग उर्फ प्रजापति गोरंग व अजय कुमार को अदालत में पेश करके पुलिस रिमांड पर लेकर गहनता से पूछताछ करके इस मामले व अन्य वारदातों से जुड़ी जानकारी हासिल की जाएगी ।

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