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भाजपा सरकार के झूठे आंकड़े उजागर, डीएपी खाद के संकट से हरियाणा का किसान बेहाल:कुमारी सैलजा

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सरकार किसानों की नहीं, आंकड़ों की खेती कर रही है।

 

चंडीगढ़, 07 नवंबर।

 

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने राज्यभर में डीएपी खाद की भारी किल्लत पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा सरकार के कागजी रिकॉर्ड में भले ही डीएपी का स्टॉक ‘फुल’ दिखाया गया है, लेकिन ज़मीन पर सच्चाई यह है कि किसान घंटों लाइन में लगकर भी खाली हाथ लौट रहे हैं। कुमारी सैलजा ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने तत्काल प्रभाव से डीएपी की कमी को दूर नहीं किया तो कांग्रेस सड़क से सदन तक किसानों की आवाज़ बुलंद करेगी।

 

मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि फतेहाबाद, सिरसा, जींद, अंबाला सहित हर जिले में किसान डीएपी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। कई जगहों पर किसानों को निजी दुकानों से ऊंचे दामों पर खाद खरीदने को मजबूर किया जा रहा है। यह साफ दर्शाता है कि भाजपा सरकार के रिकॉर्ड और जमीनी हकीकत में भारी अंतर है। यह सरकार किसानों की नहीं, आंकड़ों की खेती कर रही है। कुमारी सैलजा ने कहा कि रबी सीजन की शुरुआत में ही खाद की कमी ने किसानों को संकट में डाल दिया है। सरकार के गलत प्रबंधन और लापरवाही के कारण गेहूं की बुवाई प्रभावित हो रही है, जिसका सीधा असर राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। इस समय सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी, कैथल और अंबाला में डीएपी खाद की भारी कमी बनी हुई है। कुछ जिलों में तो निजी दुकान पर 1500 रुपये प्रति बैग मिल रहा है, सरकार को कालाबाजारी पर अंकुश लगाना चाहिए। सांसद ने कहा कि प्रदेश को रबी सीजन में 3.5 लाख मीट्रिक टन खाद की जरूरत होती है पर नवंबर के पहले सप्ताह में 2.5 लाख मीट्रिक टन खाद ही पहुंची है। सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश के कई जिलों में तो कुल मांग का 35-40 प्रतिशत खाद ही पहुंची है। सहकारी समितियों पर भी खाद मांग के अनुरूप नहीं पहुंच रहा है जबकि निजी दुकानों पर खाद पहुंच रही है जो ब्लैक में खाद बेच रहे है पर अधिकारी इस ओर आंखे बंद किए हुए बैठे है।

 

सांसद ने सरकार से मांग की है कि सरकार तुरंत डीएपी की आपूर्ति सुनिश्चित करे और किसानों को राहत दे, खाद वितरण में गड़बड़ी और काला बाज़ारी की जांच हो और कृषि विभाग के फुल स्टॉक के झूठे आंकड़ों की जवाबदेही तय की जाए। कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों ने हरियाणा के मेहनतकश किसानों को एक बार फिर संकट में धकेल दिया है। यह सरकार किसानों की समस्याओं को सुलझाने की बजाय प्रेस विज्ञप्तियों और फर्जी रिपोर्टों से जनता को गुमराह कर रही है। सांसद ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने तत्काल प्रभाव से डीएपी की कमी को दूर नहीं किया तो कांग्रेस सड़क से सदन तक किसानों की आवाज बुलंद करेगी।

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