मांगे न मानने पर 18 जनवरी को होगा न्याय मार्च, मीटिंग में बनाई न्याय मार्च को लेकर रूपरेखा
सिरसा। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चे के बैनर तले कर्मचारियों ने सोमवार को प्रदर्शन करके महाप्रबंधक को परिवहन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन प्रदर्शन की अध्यक्षता रिछपाल सिंह संधू व पृथ्वी सिंह चाहर ने संयुक्त रूप से की और संचालन सुरेंद्र बैरागी ने किया। प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने बताया कि प्रदेश सरकार रोडवेज विभाग की ओर ध्यान नहीं दे रही है। आमजन, व्यापारी, छात्र-छात्राओं की पसंद सस्ती एवं सुरक्षित परिवहन सेवा दिन प्रति दिन पूंजीपतियों के हाथों में सौंपी जा रही है। एक ओर जहां परिवहन मंत्री हर गांव में सरकारी बस भेजने की बात करते हैं और दूसरी ओर योजना की इलेक्ट्रॉनिक बसों व किलोमीटर स्कीम की बसों को रोडवेज विभाग में शामिल किया जा रहा है। इन स्कीमो की बसों के परिणाम को देखें तो प्रमाण की आवश्यकता नहीं की ये बसें रोडवेज विभाग को बड़े घाटे की ओर ले जा रही हैं और पूंजीपतियों को लाभ पहुंचा रही हैं, जबकि सरकारी बसों को चलाने के लिए चालकों व परिचालकों की बहुत कमी हैं। इसी प्रकार बसों की मरमत के लिए वर्कशॉपों में कर्मचारी ना के बराबर रह गए हैं। सरकार बेरोजगारी दूर करने की तो बात करती है, लेकिन रोडवेज विभाग में हजारों पद खाली पड़े हैं, जिनपर सरकार द्वारा भर्ती नहीं की जा रही। आज चालक व परिचालकों व कर्मशाला के कर्मचारियों पर काम बोझ बहुत बढ़ गया है। कर्मचारियों का मानसिक उत्पीडऩ किया जा रहा हैं। नेताओ ने आगे बताया कि प्रदेश सरकार के पास किलोमीटर स्कीम की ठेके की बसों को कोरोना समय में खड़ी बसों को करोड़ों रूपये देने के लिए तो बजट है, दूसरी ओर आम जनता की सेवा करने वाले रोडवेज कर्मचारियों से अधिक कार्य लेकर बहुत कम वेतनमानों पर गुजारा करने को मजबूर किया जा रहा है। सरकार परिवहन कर्मचारियों की मांगों को जायज मानकर यूनियन नेताओं से समझौता तो लगातार कर रही है, परन्तु उन जायज मांगों को लागू नहीं कर रही है। सरकार की इस कार्यशैली से कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने चेताया कि अगर सरकार ने कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो प्रदेश भर के सभी डिपूओं के रोडवेज कर्मचारी 18 जनवरी 2026 को अम्बाला छावनी में परिवहन मंत्री के आवास पर न्याय मार्च निकालेंगे।
ये है कर्मचारियों की मुख्य मांगें:
कर्मचारियों की मुख्य मांगों में चालकों परिचालक, लिपिक, स्टोर कीपर, कैशियर के पद की वेतन विसंगति दूर करके पे ग्रेड बढ़ाया जाए। देय अर्जित अवकाश कटौती पत्र को वापिस लेकर पूर्व की तरह देय अर्जित अवकाश दिए जाए। परिचालक-चालकों व कर्मशाला के कर्मचारियों के खाली पदों पर भर्ती की जाए, 2002 के चालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का किया जाए एवं पुरानी पेंशन योजना में शामिल किया जाए। चालकों की अड्डा इंचार्ज का नया पद सृजित करके प्रमोशन की जाए। वंचित 2008 के परिचालकों को प्रमोशन की जाए। सभी प्रकार की पूर्ण प्रक्रिया पूरी करने वाले 2016 के चालको को पक्का किया जाए। कर्मशाला के 2018 के ग्रुप द के कर्मचारियों को कॉमन कैडर से बाहर करके तकनीकी पदों पर प्रमोशन दी जाए। जोखिम ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को जोखिम भत्ता दिया जाए, जूत्ता भत्ता, शिक्षा भत्ता, वर्दी भत्ता महंगाई अनुसार बढ़ाया जाए आदि।
रोडवेज कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर महाप्रबंधक को सौंपा ज्ञापन
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