जब तक शरीर में सांस है, जारी रहेगी मुहिम: सुमन वर्मा
सिरसा। कन्यादान से बड़ा कोई दान नहीं है और अगर कन्यादान ब्राह्मण की बेटी का हो तो उस सेवा का महत्व और भी बढ़ जाता है। विरले ही होते हैं, जिन्हें कन्यादान रूपी सौभाग्य मिलता है। ऐसी ही सौभाग्यशाली महिला हैं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ गु्रप की अध्यक्ष सुमन वर्मा। ये बात और है कि उनके स्वयं के बेटी नहीं है, लेकिन उन्होंने इस बात को भुनाते हुए गु्रप की महिलाओं के साथ मिलकर कन्यादान रूपी मुहिम शुरू की, जो आज समाज के लिए एक मिसाल बन गई है। उन्होंने इस मुहिम के तहत शुरूआत में 108 कन्याओं का कन्यादान करने का संकल्प लिया था और वीरवार को उनका 108 कन्याओं के कन्यादान का संकल्प एक ब्राह्मण की बिना मां-बाप की बेटी से पूरा हुआ।
सुमन वर्मा ने बताया कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ गु्रप की ओर से शहर के सेक्टर-19 में स्थित शिवालय में 108वां कन्यादान एक ब्राह्मण की बिना मां-बाप की बेटी का किया गया। इस कार्यक्रम में हुडा सेक्टरवासियों के साथ-साथ भोले का दुलारा गु्रप व श्री लक्ष्मीनारायण महिला संकीर्तन मंडल का विशेष सहयोग रहा। उन्होंने बताया कि कन्यादान में बेटी को सारा घरेलु सामान व शगुन के रूप में राशि देकर विदा किया गया। सुमन वर्मा ने कहा कि उन्हें इस बात का मलाल है कि उनके बेटी नहीं है, लेकिन इस बात को उन्होंने दरनिकार करते हुए बिना मां-बाप व ऐसे परिवार जो अपनी बेटियों की शादी करने में असमर्थ हैं को चुना और उनका कन्यादान कर जो मन को खुशी मिलती है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। सुमन वर्मा ने कहा कि उनके साथ पूरी टीम मिलकर इस कार्य में बढ़चढ़कर सहयोग कर रही है, जिससे ये मुहिम समाज में एक मिसाल बन गई है। उन्होंने कहा कि उनका संकल्प भले ही पूरा हो गया है, लेकिन इस मुहिम को वे जब तक शरीर में सांस है, तब तक अनवरत जारी रखेंगी। गु्रप का प्रयास है कि कोई भी बिना मां-बाप की बेटी व अभिभावक अपने आप को असहाय न समझें और बेझिझक होकर संस्था से संपर्क करें।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ गु्रप ने किया 108वां कन्यादान
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