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राहुल गांधी का बयान लोकतांत्रिक मयार्दाओं के खिलाफ: एडवोकेट यतीन्द्र सिंह

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सिरसा। भाजपा जिला सिरसा के अध्यक्ष एडवोकेट यतीन्द्र सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दिए गए बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उनका वक्तव्य अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, गैर-जिम्मेदाराना और अराजकतावादी मानसिकता को दर्शाने वाला है। भारतीय राजनीति की गरिमा, लोकतांत्रिक मर्यादाओं और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की परंपरा के विपरीत इस प्रकार की भाषा और सोच देशहित के लिए उचित नहीं कही जा सकती। एडवोकेट यतीन्द्र सिंह ने कहा कि लगातार चुनावी हार और राजनीतिक निराशा अब राहुल गांधी के व्यवहार और बयानों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी है। देश की जनता ने बार-बार कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को नकारते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व पर विश्वास जताया है। यही कारण है कि विपक्ष आज पूरी तरह हताशा में है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में देश ने भ्रष्टाचार, घोटालों और कमजोर नेतृत्व का दौर देखा। उस समय देश की सुरक्षा, सैनिकों के मनोबल और राष्ट्रीय हितों की अनदेखी की जाती रही। जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्व पटल पर मजबूत, आत्मनिर्भर और निर्णायक राष्ट्र के रूप में स्थापित हुआ है। देश की सीमाएं सुरक्षित हुई हैं और जनता का आत्मविश्वास मजबूत हुआ है। भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है तथा आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी ताकतों पर कठोर कार्रवाई कर देश को सुरक्षित बनाने का कार्य किया है। आज भारत की सशक्त नीतियों के कारण पड़ोसी देश भी हमारी ताकत और नेतृत्व को स्वीकार करने को मजबूर हैं। एडवोकेट यतीन्द्र सिंह ने कहा कि राहुल गांधी का बयान केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अपमान नहीं, बल्कि देश की 140 करोड़ जनता की भावनाओं का भी अपमान है। कांग्रेस नेतृत्व को देशहित में जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए और इस प्रकार की औच्छी राजनीति से बचना चाहिए। गौरतलब है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने हालिया बयान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र सरकार की नीतियों पर टिप्पणी करते हुए कई आपत्तिजनक एवं विवादित बातें कही थीं, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इसे देश की लोकतांत्रिक परंपराओं और देशवासियों की भावनाओं के खिलाफ बताया है।

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