सिरसा। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान ने हुड्डा स्थित शाखा मकान नंबर 1544/20 के परिसर में 6 से 15 साल के बच्चों के लिए एक दिवसीय विशेष ‘संस्कारशाला’ का आयोजन किया गया। इस ज्ञानवर्धक कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक बच्चों ने बड़े उत्साह और ऊर्जा के साथ भाग लिया। आज के आधुनिक और डिजिटल युग में बच्चों को नैतिक मूल्यों से जोड़ने और उन्हें जीवन में सही दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से इस विशेष प्रेरणादायक सत्र का संचालन किया गया, जिसका मुख्य विषय ‘डिस्ट्रैक्शन से डायरेक्शन’ रखा गया था। इस संस्कारशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सोशल मीडिया की लत, मोबाइल के अत्यधिक उपयोग एवं अन्य आधुनिक भटकावों से दूर रखना था। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को यह सिखाया गया कि वे किस प्रकार अपने समय का सही सदुपयोग कर अपने व्यक्तित्व, चरित्र और कौशल को निखार सकते हैं। इसके साथ ही बच्चों में छिपी नेतृत्व क्षमता को बाहर लाने के लिए कई व्यावहारिक और ज्ञानवर्धक गतिविधियां भी कराई गईं। संस्थान के संस्थापक व संचालक आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी संतोष भारती, साध्वी पूनम भारती, साध्वी पूषा भारती ने संयुक्त रूप से उपस्थित बच्चों को एक्टिविटी करवाई, जिसमें योगा करवाया गया। इसके अतिरिक्त जंक फूड और हेल्थी फूड की एक्टिविटी भी करवाई गई। उन्होंने अपने प्रेरणाप्रद विचारों में कहा कि किसी भी सुदृढ़ समाज और राष्ट्र के निर्माण की नींव हमारे बच्चों के अच्छे संस्कारों पर टिकी होती है। आज के समय में करियर और जीवन में वास्तविक सफलता प्राप्त करने के लिए अच्छे नैतिक संस्कार, कड़ा अनुशासन, एकाग्रता और सकारात्मक सोच का होना अत्यंत आवश्यक है। साध्वी जी ने बच्चों को खेल-खेल में और कहानियों के माध्यम से जीवन की बारीकियों को समझाया। कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों और उपस्थित जनों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे हमेशा अपने से बड़ों का आदर करेंगे, अपने कीमती समय का सही सदुपयोग करेंगे और अपने माता-पिता का हमेशा सम्मान करेंगे।
अच्छे संस्कारों से ही सुदृढ़ होती है समाज और राष्ट्र के निर्माण की नींव: संतोष भारती
Facebook
Twitter
WhatsApp



