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स्वास्थ्य के प्रति सजगता, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम कब्ज-मुक्त जीवन की कुंजी है: स्वामी विज्ञानानंद

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सिरसा। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा अपने सम्पूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रम आरोग्य प्रकल्प के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के उपलक्ष्य में स्थानीय हुड्डा सेक्टर 20 श्री राम पार्क में आयोजित तीन दिवसीय विलक्षण योग शिविर के द्वितीय दिवस प्रतिभागियों को योग एवं प्राणायाम के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। शिविर में संस्थान के संस्थापक एवं संचालक दिव्य गुरु आशुतोष महाराज के शिष्य एवं प्रख्यात योगाचार्य स्वामी विज्ञानानंद ने कब्ज विषय पर विस्तार से विवेचना करते हुए इसके कारणों, दुष्प्रभावों तथा प्राकृतिक उपायों के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अनियमित दिनचर्या, असंतुलित खान-पान, शारीरिक श्रम का अभाव तथा तनावपूर्ण जीवनशैली के कारण कब्ज की समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह समस्या केवल पाचन तंत्र तक सीमित नहीं रहती, बल्कि अनेक अन्य रोगों को भी जन्म देती है। कब्ज को उपेक्षित करना उदर स्वास्थ्य के लिए दूरगामी दुष्परिणामों का कारण बन सकता है। स्वास्थ्य के प्रति सजगता, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम कब्ज-मुक्त जीवन की कुंजी हैं। स्वामी विज्ञानानंद ने कहा कि स्वस्थ शरीर और निरोग जीवन के लिए पाचन तंत्र का सुचारु रूप से कार्य करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि योग और प्राणायाम के नियमित अभ्यास से कब्ज की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिभागियों को पवनमुक्तासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन, भुजंगासन, वज्रासन तथा पश्चिमोत्तानासन जैसे लाभकारी योगासनों का अभ्यास करवाया। साथ ही कपालभाति, अनुलोम-विलोम एवं भस्त्रिका प्राणायाम के वैज्ञानिक महत्व को समझाते हुए इनके नियमित अभ्यास की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने वाली एक संपूर्ण जीवन पद्धति है। नियमित योगाभ्यास से न केवल कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिलती है, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होता है और शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है। शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, महिलाओं, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने योगाचार्य द्वारा बताए गए सरल एवं प्रभावी योगाभ्यासों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में स्वामी विज्ञानानंद ने प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें नियमित योगाभ्यास के माध्यम से स्वस्थ, संतुलित एवं आनंदमय जीवन जीने का संदेश दिया। शिविर का समापन सामूहिक ध्यान एवं स्वास्थ्य जागरूकता के संकल्प के साथ हुआ।

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