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बीकेई ने ई-20 ग्रीन फ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड पन्नीवाला रूलदु पर एफसीआई डबवाली गोदाम से सरकारी चावल के बड़े घोटाले का लगाया आरोप: लखविंदर सिंह औलख

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-चेतावनी, यूरिया खाद घोटाले तथा चावल घोटाले में इथेनॉल फैक्ट्री मालिकों के खिलाफ अगर कार्रवाई नहीं होती तो  24 जुलाई को फैक्ट्री का होगा घेराव
सिरसा। भारतीय किसान एकता (बीकेई) के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने बीकेई कार्यालय, सिरसा में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान ई-20 ग्रीन फ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड, पन्नीवाला रूलदु पर ओपन मार्केटिंग सेल्स स्कीम के तहत खरीदे गए सरकारी चावल के बड़े पैमाने पर कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया। इस अवसर पर संगठन की ओर से एक चार्ट जारी कर पूरे मामले की जानकारी सांझा की गई। लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि ई-20 ग्रीन फ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड ने एफसीआई कालांवाली से लगभग 5 लाख गट्टे तथा एफसीआई डबवाली से 3 लाख 67 हजार गट्टे सरकारी चावल ओ.एम.एस.एस. योजना के तहत खरीदे थे। यह चावल सरकार की नीति के अनुसार इथेनॉल उत्पादन में उपयोग किया जाना था, लेकिन आरोप है कि इसे बीच रास्ते से अवैध रूप से विभिन्न राइस मिलों में ऊंचे दामों पर सप्लाई कर दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा यह चावल लगभग 2320 प्रति क्विंटल की दर से उपलब्ध कराया गया था, जबकि इसे कथित रूप से 2800 से 3000 प्रति क्विंटल तक विभिन्न राइस मिलों में बेचा गया। इससे सरकारी योजना का उद्देश्य प्रभावित हुआ है तथा किसानों और सरकारी खजाने दोनों को नुकसान पहुंचा है। औलख ने आरोप लगाया कि ई-20 ग्रीन फ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी फैक्ट्री में किसानों के लिए सब्सिडी पर मिलने वाली नीम कोटेड यूरिया के कथित अवैध उपयोग के मामले में मुकदमा दर्ज हो चुका है, जिसकी जांच जारी है, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि यह नया मामला सरकारी चावल के कथित दुरुपयोग से जुड़ा एक और बड़ा घोटाला है। संगठन के अनुसार आने वाले समय में कंपनी से जुड़े अन्य मामलों का भी खुलासा किया जाएगा।
बीकेई प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि फैक्ट्री के आसपास के ग्रामीण लंबे समय से वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, भारी ट्रैफिक और किसानों के हिस्से के पानी के कथित अवैध उपयोग जैसी समस्याओं से परेशान हैं। उनका आरोप है कि एक ओर किसानों के संसाधनों का दुरुपयोग किया जा रहा है और दूसरी ओर सरकारी योजनाओं का भी कथित रूप से दुरुपयोग किया जा रहा है, जबकि प्रशासन अब तक प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहा है। उन्होंने मांग की कि सरकारी चावल के कथित घोटाले की निष्पक्ष विभागीय जांच करवाई जाए, संबंधित अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए तथा यूरिया खाद मामले में लंबित जांच को शीघ्र पूरा कर दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। लखविंदर सिंह औलख ने चेतावनी दी कि यदि यूरिया खाद मामले में गिरफ्तारी तथा सरकारी चावल के कथित घोटाले की जांच एवं कानूनी कार्रवाई शीघ्र शुरू नहीं की गई, तो भारतीय किसान एकता द्वारा शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 को ई-20 ग्रीन फ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड, पन्नीवाला रूलदु स्थित इथेनॉल प्लांट का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कानून-व्यवस्था की कोई स्थिति उत्पन्न होती है तो इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस अवसर पर बीकेई प्रदेश महासचिव अंग्रेज सिंह कोटली, मुख्य प्रवक्ता गुरप्रीत सिंह संधू भी उपस्थित रहे।

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