सिरसा। भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रदीप रातुसरिया ने प्रेस बयान में कहा कि दशकों से लंबित पड़ी किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना पर छह राज्यों के बीच ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर प्रदेश के लिए सर्वकल्याणकारी निर्णय है। जारी बयान में रातुसरिया ने इस समझौते को हरियाणा के लिए एक महत्वपूर्ण और युगांतकारी उपलब्धि करार दिया है। नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की गरिमामयी उपस्थिति में छह यमुना बेसिन राज्यों (हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली) के मुख्यमंत्रियों ने इस समझौते पर मुहर लगाई। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत हरियाणा को लखवार, रेणुकाजी और किशाऊ तीनों परियोजनाओं को मिलाकर कुल 1280 क्यूसेक अतिरिक्त पानी मिलने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। रातुसरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और गृह मंत्री अमित शाह के सक्रिय प्रयासों से यह समझौता सिरे चढ़ा है, जिसके लिए वे विशेष तौर पर आभारी हैं। इस परियोजना के तहत उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर बहने वाली टोंस नदी पर 232.6 मीटर ऊंचा कंक्रीट ग्रेविटी बांध बनाया जाएगा। इस राष्ट्रीय परियोजना का 90 प्रतिशत वित्तीय बोझ केंद्र सरकार वहन करेगी। परियोजना से न केवल 1,562 मिलियन क्यूबिक मीटर जल भंडारण क्षमता विकसित होगी, बल्कि यमुना नदी के पुनरुद्धार और पर्यावरण संरक्षण को भी नया बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य के चहुंमुखी विकास के लिए जल सबसे बुनियादी जरूरत है। इस परियोजना से मिलने वाला पानी हरिया
किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना समझौते से प्रदेश को मिलेगा अतिरिक्त पानी: रातुसरिया
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