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अखंडता और एकता का सूत्र है हिन्दी भाषा : डा. कविता चौधरी

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राजकीय महाविद्यालय ऐलनाबाद में प्राचार्य डा.सज्जन कुमार के निर्देशानुसार प्रो. दलीप सिंह की अध्यक्षता व हिन्दी,पंजाबी, अंग्रेज़ी और अर्थशास्त्र विषय परिषद के तत्वाधान में ‘हिन्दी दिवस’ के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सबसे पहले कार्यकारी प्राचार्य प्रो.दलीप सिंह ने बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए। हिन्दी विभाग से डा कविता चौधरी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदी भाषा में सभी भावों को भरने की अद्भुत क्षमता है, यही कारण है कि हिंदी को भारत की जननी भाषा कहा जाता है। भारतीय संस्कृति में हिंदी को मातृ भाषा का दर्जा दिया गया है। यह महज भाषा नहीं बल्कि भारतीयों को एकता व अखंडता के सूत्र में पिरोती है। हिंदी को मन की भाषा कहा जाता है, जो कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी, संसद से लेकर सड़कों तक और साहित्य से लेकर सिनेमा तक हर जगह संवाद का सबसे बड़ा पुल बनकर सामने आती है। हिंदी हमारे साहित्यकारों की संस्कृति थी। महात्मा गांधी ने भी एक बार कहा था कि, जिस प्रकार ब्रिटेन में अंग्रेजी बोली जाती है और सारे कामकाज अंग्रेजी में किए जाते हैं, ठीक उसी प्रकार हिंदी को हमारे देश में राष्ट्रभाषा का सम्मान मिलना चाहिए। राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के अनुरोध पर 14 सितंबर 1953 को पहली बार हिंदी दिवस मनाया गया। इसके बाद से प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को हिंदी के महत्व व इतिहास के बारे में बताना है और अपनी मातृ भाषा के प्रति जागृत करना है। तथा हिंदी को ना केवल देश के हर क्षेत्र में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी प्रसारित करना है। उन्होंने कहा कि मेरी कामना है कि हिन्दी भाषा राष्ट्रीय एकता और सद्भावना की डोर को निरंतर मजबूत करती रहेगी। महाविद्यालय के पंजाबी विभागाध्यक्ष डा.जोगिन्द्र सिंह, प्रो. कुलजीत कौर व प्रो. सुरेश कुमारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। महाविद्यालय के जन संपर्क अधिकारी ने बताया कि हिंदी दिवस पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि भाषण प्रतियोगिता में पूजा ने पहला, हरमनप्रीत ने दूसरा तथा मोहित व यशोदा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।भाषण प्रतियोगिता के लिए निर्णायक मंडल की भूमिका प्रो. सुरेश कुमारी, डा. जोगिन्द्र सिंह तथा प्रो. राजवीर सिंह ने निभाई। मंच संचालन की भूमिका डा. कविता चौधरी ने अदा की। इस मौके पर महाविद्यालय के सभी शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक स्टाफ सदस्यों के साथ भारी संख्या में छात्र छात्राओं ने उपस्थिति दर्ज करवाई।

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