– फसल अवशेष न जलाएं किसान, उर्वरा शक्ति व मित्र कीट के साथ पर्यावरण को नुकसान: एडीसी वीरेंद्र सहरावत
फसल अवशेष आपूर्ति श्रृंखला के तहत अतिरिक्त उपायुक्त वीरेंद्र सहरावत की अध्यक्षता में ड्रा निकाला गया। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से सिरसा में पांच सप्लाई पैडी चैन बनाने का लक्ष्य दिया गया था, जिसके तहत आवेदकों को मशीनरी उपलब्ध करवाई जानी है। लघु सचिवालय के सभागार में दोपहर बाद आयोजित ड्रा में कई आवेदकों ने ड्रा निकालने की कार्यवाही में हिस्सा लिया। सहायक कृषि अभियंता विजय जैन ने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान आरकेवीवाई स्कीम के अंतर्गत धान फसल अवशेष आपूर्ति श्रृंखला की स्थापना के लिए जिले में 156 आवेदन पोर्टल पर प्राप्त हुए थे। दस्तावेजों की जांच के दौरान 81 आवेदकों के दस्तावेज सही पाए गए व दो आवेदकों द्वारा दो-दो आवेदन किया जाना पाया गया। 79 आवेदकों के दस्तावेज सही पाए जाने पर उन्हें ड्रा में शामिल किया गया। बैठक में उप निदेशक कृषि डा. सुखदेव सिंह सहित कमेटी के अन्य सदस्यों ने हिस्सा लिया। ड्रा के माध्यम से एक प्रोजेक्ट में बिग वेलर, हेरेक, कटर, तीन ट्रेक्टर, तीन ट्राली, लोडर उपकरण दिए जाने हैं।
उन्होंने बताया कि एक श्रृंखला स्थापित करने में सरकार की ओर से एक करोड़ के प्रोजेक्ट पर 65 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि सिरसा जिला में पराली प्रबंधों के लिए लगातार काम किया जा रहा है। किसानों को जागरूक करने के साथ ही उन्हें उपकरण भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं ताकि पराली प्रबंधन का कार्य बड़े स्तर पर किया जा सके। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे फसली अवशेष को आग न लगाएं, इससे जमीन की उर्वरा शक्ति नष्टï होती है और मित्र कीट मर जाते हैं। पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है।
धान फसल अवशेष आपूर्ति श्रृंखला स्थापित करने के लिए निकाला गया ड्रा, पांच किसानों का हुआ चयन
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