हिसार- अग्रोहा धाम में माता लक्ष्मी जी व अग्र भागवत कथा अग्रोहा धाम वैश्य समाज के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग के नेतृत्व में हुई। कथा के संयोजक अरविंद दृष्टा थे। जिसमें भारी संख्या में महिला व पुरुषों ने भाग लिया। अग्रोहा धाम के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने सम्बोधित करते हुए कहा कि महाराजा अग्रसेन जी का विवाह माता माधवी के साथ हुआ था। जिसके कारण इंद्र देवता नाराज होने से नगरी प्रताप नगर में अनेकों वर्षो तक वर्षा को रोक दिया था। हिंदू सनातन के अनुसार महाराजा अग्रसेन व देव इन्द्र के बीच युद्ध हुआ। इस युद्ध में कोई खूनी परिणाम नहीं हुआ बल्कि देवर्षि नारद के माध्यम से दोनों के बीच शांति और समझौता हो गया। बजरंग गर्ग ने कहा कि महाराजा अग्रसेन ने अहिंसा, दान, गरीब व जरूरतमंद की सेवा का मार्ग अपनाया। जिस कारण माता महालक्ष्मी जी महाराजा अग्रसेन जी पर अत्यंत प्रसन्न थी। हमेशा ही माता लक्ष्मी जी की विशेष कृपा महाराजा अग्रसेन जी पर बनी रही। माता लक्ष्मी जी की कृपा पाने और घर में सुख समृद्धि लाने के लिए सच्ची श्रद्धा, परोपकार दान सबसे महत्वपूर्ण है और इसके साथ-साथ महिलाओं का सम्मान व घर में साफ-सफाई और प्रतिदिन संध्या के समय मुख्य द्वार पर दीपक जलाना अत्यंत आवश्यक है। सच्चे मन से की गई पूजा से माता स्थायी रुप से घर में वास करती है और उस घर में हमेशा माता की कृपा बरसती है। बजरंग गर्ग ने अग्रोहा धाम में आए हुए समाज सेवियों को स्मृति चिन्ह व पट्टा पहनाकर सम्मानित किया। 20 जून को अग्रोहा धाम में माता महालक्ष्मी जी का विशाल यज्ञ व भण्डारा होगा।इस अवसर पर ब्रह्मानंद गोयल भट्ट, महेंद्र गोयल, पवन गर्ग, बजरंग असरावां, निरंजन गोयल, राजेंद्र बंसल हिसार, राजीव गुप्ता कैथल, लोकेश जैन रोहतक, हेमराज गुप्ता दिल्ली, शिव गोयल पंजाब, रामलाल बंसल राजस्थान, अनिल मंगल, नरेंद्र गोयल, मनोज गोयल, गिरधारी लाल, यशपाल गोयल आदि प्रमुख समाज सेवियो ने भाग लिया।
फोटो बाबत-अग्रोहा धाम वैश्य समाज के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग कथा में भक्तों को संबोधित करते हुए।
अग्रोहा धाम वैश्य समाज के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग अतिथियों को स्मृति चिन्ह सम्मानित करते हुए।
अग्रोहा धाम वैश्य समाज के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग व अन्य भक्त आरती करते हुए।



