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चालीस दिवसीय मौन साधना संकल्प यात्रा निर्विघ्न सम्पन्न: डा. इंद्र गोयल

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सिरसा। अखिल भारतीय सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. इंद्र गोयल ने 26 जून 2025 को चालीस दिवसीय मौन साधना संकल्प यात्रा शुरू की, जिसमें उन्होंने 40 दिनों तक मौन रहने का संकल्प लिया। इस दौरान उन्होंने दोपहर 12.30 से 2 बजे तक पारिवारिकए सामाजिक और व्यापारिक गतिविधियों के लिए संवाद रखा। उन्होंने आठ दिनों तक बिना किसी संवाद के मौनी भागवत कथा का श्रवण भी किया। मौन साधना से मानसिक शांति और स्थिरता प्राप्त होती है। मौन के दौरान आत्मा की आवाज सुनने में सक्षम होने से आत्मिक जागरूकता बढ़ती है। मौन साधना से ध्यान की शक्ति बढ़ती है और विचारों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। मौन साधना से आत्मिक शक्ति और धैर्य प्राप्त होता है। डा. इंदर गोयल के अनुसारए मौन साधना एक शक्तिशाली तप है जो व्यक्ति को बाहरी उलझनों से बचाता है और आंतरिक शांति और संतुलन को बढ़ावा देता है। उन्होंने सेवा भारती, भाई कन्हैया आश्रम, सालासर धाम मंदिर, बाबा बालक नाथ मंदिर, शनि मंदिर, ब्रह्मकुमारी आश्रम, हरि भोजनए श्री राम लंगर भंडारा, तृप्ता वेलफेयर सोसाइटी, पीर बस्ती, मां अंजना रसोई, थेहड़ मोहल्ला, श्याम गौशाला, गौ माता मंदिर, रुद्राभिषेक, रेलवे गुरुद्वारा, रेलवे मंदिर, अखिल भारतीय सेवा संघ और अन्य जरूरतमंद लोगों में सेवा कार्य के दौरान अविस्मरणीय अनुभव प्राप्त किया और कहा कि यह एक आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने का कठिन और सरल उपाय है। डा. इंद्र गोयल की मौन साधना संकल्प यात्रा के दौरान प्रतिदिन 40 मंत्रों के 40 जप के साथ 40 दिन लगातार हवन यज्ञ सम्पन्न हुआ, प्रतिदिन गौ सेवा, सालासर धाम मंदिर में आशीर्वाद, सेवा कार्य, स्वाध्याय, श्रवण और लेखन नित्य जारी रहा और इन्होंने इस दौरान जो आध्यात्मिक अनुभूति अनुभव की वह भी बहुत ही अविस्मरणीय, अनुकरणीय एवं अकथनीय है। इस दौरान अशोक चाचान, मोहिंद्र सेतिया, मुकेश वर्मा, प्रमोद सचदेवा, आमला गुप्ता, अंजना गोयल, जसबीर कौर, संतोष रानी, पुनीत गोयल, कृष्णा मित्तल, चेतन मेहता, संजीव मेहता, पूजा बंसल, नीनू बंसल, पंकज मित्तल, परविंदर ठठई, राधा गोयल, राजेश शर्मा, रपुल कंबोज, रेनू गर्ग, कांता बंसल, साधना पंकज, शारदा गुप्ता, विनोद धवन, विकास तिरपाल एवं वृष कांता खेत्रपाल प्रत्येक ने एक-एक घंटे का मौन समयानुसार लगातार 24 घंटे 40 दिन तक बिना रुके चलता रहा। इन सबकी शुभकामनाओं और सहभागिता से असंभव सा प्रतीत होने वाला अंतत: संभव हो गया और इस दौरान प्रभु की सब पर विशेष अनुकंपा और आशीर्वाद रहा। यह एक अद्वितीय और आध्यात्मिक अनुभव है, जिसने न केवल मुझे बल्कि हमारे साथ जुड़े सभी लोगों को भी प्रभावित किया है। इस अवसर पर मैं सभी लोगों से आग्रह करता हूं कि वे अपने जीवन में आध्यात्मिकता और शांति को बढ़ावा देने के लिए प्रयास करें। मौन साधना संकल्प यात्रा एक प्रेरणादायक उदाहरण है, जो हमें अपने जीवन में आध्यात्मिक विकास के लिए प्रयास करने के लिए प्रेरित करता है। मैं सभी लोगों से आग्रह करता हूं कि वे अपने जीवन में सेवा, स्वाध्याय और आध्यात्मिक अभ्यास को बढ़ावा देने के लिए प्रयास करें। समाज के अनेक वर्गों ने इस अविस्मरणीय सफलता पर बधाई प्रेषित की है।

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