-सरपंच रंगा, लहंगेवाला, थिराज, मत्तड़ व समस्त ग्रामवासियों ने कहा, घग्गर नदी में आई बाढ़ को लेकर जिला राजस्व अधिकारी का रवैया निराशाजनक
सिरसा। रंगा गांव के सरपंच करमजीत सिंह ने कहा कि घग्गर नदी उफान पर है। अगर घग्गर के तटबंधों को मजबूत नहीं किया गया तो गांवों और फसलों के डूबने का खतरा है। वीरवार 4 सितंबर को थिराज के सरपंच प्रतिनिधि प्रगट सिंह, मत्तड़ के सरपंच अजैब सिंह और लहंगेवाला के सरपंच मक्खन सिंह ने उपायुक्त सिरसा से मिलकर हमारे गांवों को घग्गर नदी की बाढ़ से बचाने के लिए तटबंधों को मजबूत करने के लिए जेसीबी मशीनों, मिट्टी की ट्रैक्टर ट्रॉलियों, बांध पर लाईट के प्रबंधनों की मांग रखी, ताकि घग्गर के बांधों को टूटने से बचाया जा सके। सरपंचों ने कहा कि उपायुक्त ने कहा कि आपको किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी, उन्होंने चारों सरपंचों के मोबाइल नंबर लिए और अपना नंबर देकर उन्हें कहा कि कोई भी दिक्कत आए तो वह फोन कर सकते हैं, आपकी हर संभव मदद की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि आप एक बार डीआरओ से भी मिल लो। उसके बाद हमने डीआरओ से मिलकर घग्गर नदी की स्थिति के बारे में अवगत करवाया और उनके समक्ष भी जेसीबी मशीनों, मिट्टी की ट्रैक्टर ट्रॉलियों, बांध पर लाईटों का प्रबंधन करने की मांग रखी, लेकिन उनका जवाब सुनकर हम सब हैरान रह गए की एक जिला स्तर का अधिकारी इतनी गैर जिम्मेदाराना बात कहेगा, डीआरओ ने कहा कि बांध टूटने के बाद जब आपके गांव और फसलें डूब जाएंगी एनडीआरएफ की टीमें राहत कार्यों में लगेंगी उसके बाद ही हम आपकी मदद कर पाएंगे। सरपंच ने कहा कि हमारे ही सामने हमारे गांवों को डूबोने की बात सुनकर हम सब हैरान रह गए। हमने कहा कि जब हमारे गांव और फैसले ही डूब जाएंगी तो फिर हम आपकी मदद का क्या करेंगे। हमारा हरियाणा सरकार व जिला प्रशासन से सवाल है कि वह हमें डूबने से बचाने के लिए हमारी मदद करेगी या डूबने के बाद। सरपंचों ने कहा कि सभी ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालते हुए अपने-अपने ट्रैक्टर ट्रालियां लेकर घग्गर नदी के तटबंधों पर मिट्टी डाल रहे हैं। 2 दिन पहले मिट्टी डालते समय एक ट्रैक्टर-ट्राली घग्गर नदी में गिर गया था, बड़ी मुश्किल से किसान ने अपनी जान बचाई। सरपंचों ने कहा कि हमारे ग्रामीण बिना किसी किराए के ट्रैक्टर ट्रालियों से बांधों पर मिट्टी डाल रहे हैं। हमने जिला प्रशासन से सिर्फ डीजल की मांग की है और जेसीबी मशीन की मांग की है। हमारे सभी गांवों का लाखों रुपए का डीजल लग चुका है, लेकिन अभी तक जिला प्रशासन व जिला परिषद के चेयरमैन से 250-250 लीटर डीजल ही मिला है। हम सरकार से मांग करते हैं कि ऐसे गैर जिम्मेदार जिला राजस्व अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए और हमें डीजल मुहिया करवाया जाए।
राजस्व अधिकारी (डीआरओ) ने मिलने आए सरपंचों से कहा, गांव डूबने के बाद करेंगे मदद
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