महासाध्वी सर्वज्ञ जी महाराज व महासाध्वी नामिता जी महाराज के सानिध्य में मेहंदी रस्म का आयोजन, समाज के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दी सहभागिता
जैन समाज में तप, साधना और संयम को सर्वोपरि माना गया है। इसी तप परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कालांवाली की तपसवन बहन प्रवीण जैन ने आयंबिल तपस्या का मासखमण पूर्ण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। इस पावन अवसर पर उनके तप अभिनंदन और आशीर्वाद समारोह का आयोजन गुरु जितेंद्र कैलाश दरबार में किया गया, जहां मेहंदी रस्म के साथ श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।
महासाध्वियों के सानिध्य में हुआ आयोजन
इस समारोह में हरियाणा सिहनी,पंजाब वीरांगना महासाध्वी श्री सर्वज्ञ जी महाराज साहब तथा महासाध्वी नामिता जी महाराज का दिव्य सानिध्य प्राप्त हुआ। उनके प्रवचनों ने न केवल तपस्या की महिमा को रेखांकित किया बल्कि उपस्थित जनसमूह को जीवन में संयम, साधना और आत्मशुद्धि का संदेश भी दिया।
महासाध्वी सर्वज्ञ जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान महावीर स्वामी ने बारह वर्षों तक निरंतर कठोर तप किया। उसी की प्रेरणा से आज के युग में भी साधक अपनी तपस्या द्वारा कर्मों की निर्जरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तप से जहाँ शरीर की शुद्धि होती है, वहीं आत्मा पर जमे कर्मों का मैल भी नष्ट होता है।
महासाध्वी नामिता जी महाराज ने भी भक्ति रस से ओतप्रोत वातावरण बनाते हुए तपस्या का सारे करो अभिनंदन, जय जय हो” भजन प्रस्तुत कर सभा को भावविभोर कर दिया।
प्रवीण जैन की तपस्या पर मिला आशीर्वाद
समारोह मे प्रवीण जैन को साध्वीश्री ने विशेष आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने कहा कि प्रवीण जैन ने आयंबिल तपस्या करके समाज के लिए प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। साध्वीश्री ने उन्हें निरंतर तप-जप द्वारा आत्मकल्याण के पथ पर अग्रसर रहने का संदेश दिया।
समाज में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
इस तप अभिनंदन समारोह में जैन समाज के सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अरिहंत फाउंडेशन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एस एस जैन सभा कालावाली अध्यक्ष सन्दीप जैन, नवकार समिति के उपप्रधान भूषण जैन, संरक्षक पूर्ण जैन, पारस जैन, नरेश गर्ग जैन, मंत्री नीरज जैन, समाज रत्न साईदास सेतिया, सुखराम फत्ता, तरसेम धर्मपुरा, खेम जिंदल, विकेश जिंदल, मखन जैन, महिंदर जैन, अंग्रेज बांसल जैन, संजीव जैन, प्यारा जैन, आढती एसोसिएशन के जिला प्रधान प्रदीप जैन, ,लवली धालीवाल जैन (लवली स्टूडियो), काका जैन, शम्मी जैन, बाल मंडल के प्रधान वैभव जैन, मंत्री केशव जैन, पिंकू गोयल, गोपाल कुंशल सहित अनेकों समाजसेवी और पदाधिकारी शामिल हुए। वही महिला मंडल से निर्मला जैन, सीरत जैन, बबली जैन, मीनू जैन, बबीता जैन, मंजू जैन, अंजू जैन, तनुजा जैन, कंचन जैन, वंदना जैन और निधि जैन ने भी अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।
भक्ति और उल्लास से सराबोर हुआ आयोजन
मेहंदी रस्म के अवसर पर धार्मिक भजनों और भक्ति संगीत ने समूचे वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। भजन गायक संजीव जैन ने “अज दिन है मेहंदी दा, सारे रल मिल खुशी मनाइए” गाकर सभी उपस्थित लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। भक्ति रस और संगीत का यह समागम लोगों की स्मृतियों में लंबे समय तक अंकित रहेगा।
तप की परंपरा में नया कीर्तिमान
उल्लेखनीय है कि इसी चातुर्मास में इससे महामंत्री राकेश जैन ने 33 आयंबिल की तपस्या कर समाज में प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया था। अब प्रवीण जैन की 34वर्त तपस्या ने कालांवाली क्षेत्र में तप की परंपरा को नई ऊँचाइयों पर पहुंचा दिया है।
प्रभावना और स्वागत
इस अवसर पर खेम जिंदल व विकेश जिंदल परिवार की ओर से सभी का भव्य स्वागत किया गया। साथ ही तपस्वी प्रवीण जैन के सम्मान में जलपान और गौतम प्रसादी की प्रभावना कराई गई।
समारोह में झलकी एकता और श्रद्धा
समाज के हर वर्ग – पुरुष, महिला और बाल मंडल ने पूरे उत्साह के साथ इस आयोजन को सफल बनाया। बच्चों और महिलाओं की सक्रियता ने इस कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया। इस तप अभिनंदन समारोह ने यह सिद्ध कर दिया कि तपस्या केवल साधक की नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक शक्ति और एकता का प्रतीक है।
प्रवीण जैन की आयंबिल तपस्या का मासखमण केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि जैन समाज के लिए गर्व का विषय है। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब व्यक्ति तप, संयम और साधना के मार्ग पर चलता है, तो उसका प्रभाव केवल उस तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समूचा समाज उससे प्रेरित होकर आत्मिक उन्नति की ओर अग्रसर होता है।

